योगी आदित्यनाथ के कोरोना आंकड़ों पर दिए बयान पर विपछ हमलावर

कोरोना आपदा के समय प्रवासी मजदूरों की स्थिति को लेकर लगातार कांग्रेस और बीजेपी में आरोप और प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ जहां बीजेपी सरकार प्रवासी मजदूरों की सबसे अधिक मदद का दावा कर रही है। तो वहीं कांग्रेस पार्टी बीजेपी सरकार को लगाता प्रवासी मजदूरों के कई मुद्दों पर गिरती नजर आ रही है।

चाहे वह बसों का मुद्दा हो या फिर प्रवासी मजदूरों के रोजगार का वही कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करो ना आंकड़ों पर दिए बयान को लेकर कांग्रेस कमेटी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रेस कॉन्फ्रेंस की अगुवाई मुख्य रूप से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया और कांग्रेस की विधानमंडल दल के नेता आराधना मिश्रा मोना कर रही थी

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल जब यह बयान दिया की महाराष्ट्र से आए प्रवासी मजदूरों में 75 % और दिल्ली से आए मजदूरों में 50% लोग करोना पॉजिटिव है। यह बयान जैसे ही आया प्रदेश में हलचल मच गई। आज इसी बयान को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने प्रदेश कार्यालय में प्रेस कांफ्रेस का आयोजन किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता मुख्य रूप से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता आराधना मिश्रा कर रही थी।

पीएल पुनिया का कहना था कि जो आंकड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल अपने बयान में दिए हैं उससे तो लगभग 10 से 1200000 लोग उत्तर प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव हैं और प्रशासन ने जो आंकड़े जारी कर रखे हैं उसके हिसाब से छह हजार के लगभग करोना पॉजिटिव लोग उत्तर प्रदेश में है आखिर सूबे के मुखिया इतना बड़ा बयान बिना किसी आधार के कैसे दे सकते हैं पीएल पुनिया ने कहा कि कि आखिर मुख्यमंत्री बताएं कि इतनी बड़ी संख्या जो करोना पॉजिटिव की मुख्यमंत्री ने बताई है उनमें से कितने लोगों की जांच हुई है और अगर यह केवल मुंह जुबानी आंकड़ा है तो इससे पूरे प्रदेश में डर का माहौल बन गया है

साथ ही साथ माइग्रेशन कमीशन के ऊपर सवाल उठाते हुए पीएल पुनिया और आराधना मिश्रा ने कहा की माइग्रेशन कमीशन बनने में समय लगेगा उसके नियमों और कानूनों को बनाने के लिए वक्त चाहिए। आखिर तब तक मजदूरों के पेट की आग को कैसे बुझाया जाएगा। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के ऊपर राजनैतिक दमन का आरोप लगाया कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि हम जानना चाहते हैं, कि आखिर अजय कुमार लल्लू ने ऐसा कौन सा अपराध किया है।

जो उन्हें जेल में डाल दिया गया और उनसे अपराधियों की तरह व्यवहार किया जा रहा है वही प्रवासी मजदूरो के जीवन यापन को लेकर प्रियंका गांधी के द्वारा किए गए ट्वीट का भी जिक्र किया जिसमें हर श्रमिक को ₹7000 उसके खाते में पहुंचाने की बात कही गई है कांग्रेस ने कहा आखिर क्यों नहीं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ प्रियंका गांधी का सुझाव मानकर हर श्रमिक के खाते में ₹7000 पहुंचाते हैं ताकि कम से कम वह और उसका परिवार दो वक्त का खाना खा सके