आईआईटी रूड़की में जल सम्मेलन

अमर भारती : केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष आर के जैन ने जल स्रोतों पर वैश्विक तापमान में बढोत्तरी के प्रभावों से निपटने के लिए नयी प्रणाली बनाने पर जोर दिया है। वह आईआईटी रूड़की में बुधवार को शुरू हुए जल सम्मेलन में बोल रहे थे। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए जैन ने कहा, ‘‘पूर्व में बनायी गयी योजनाएं और अनुमान बुरी तरह विफल हो गये हैं।

हमारे जल स्रोतों पर वैश्विक तापमान में हो रही वृद्धि के प्रभावों के मद्देनजर नयी चुनौतियों से निपटने के लिए हमें नई प्रक्रिया विकसित करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में मौजूद स्वच्छ जल का करीब चार प्रतिशत भारत के पास है जबकि उसके पास केवल 2.4 फीसदी भूमि क्षेत्र है। लेकिन ज्यादा जनसंख्या होने के कारण हमारे जल स्रोतों पर बहुत ज्यादा दवाब है।

’’28 फरवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के हाइड्रोलॉजिकल पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जिसमें अमेरिका, स्पेन, जर्मनी, जापान, नीदरलैंड और ब्रिटेन जैसे कई देशों के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का आयोजन रूड़की आईआईटी द्वारा नेशनल इंस्टीटयूट आफ हाइड्रोलॉजी के सहयोग से किया जा रहा है।