जानिए, पश्चिम बंगाल में किन सीटों पर रही पूरे देश की नज़र

विधानसभा चुनाव परिणामों में TMC को मिला स्पष्ट बहुमत

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों में तृणमूल कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है। विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सर्वाधिक 213 सीटें, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 77, राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी (आरएसएमपी) को 1 और एक निर्दलीय प्रत्याशी को जीत हासिल हुई है। वोट शेयर की बात करें तो राज्य में टीएमसी को सर्वाधिक 47.9 % वोट मिला है। इसके बाद इस सूची में भाजपा, सीपीआई(एम) और कांग्रेस का नाम आता है, जिन्हें इन चुनावों में क्रमशः 38.1%, 4.73% और 2.93 % वोट मिले हैं। राज्य में 1.08 % वोट नोटा के विकल्प पर डाले गए हैं।

मैदान में थे दो हज़ार से अधिक उम्मीदवार

इन सभी चुनावों के परिणाम चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। इस बार के चुनाव में राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी का मुकाबला भाजपा और कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन से था। इन चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उनकी कैबिनेट के कुछ सदस्य, अरूप बिस्वास, भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी, बाबुल सुप्रियो, पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वपन दासगुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, टीमकी नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सीपीएम नेता तन्मय भट्टाचार्य, फिल्म निर्देशक राज चक्रवर्ती, अभिनेत्री कौसानी मुखर्जी सहित कुल 2132 उम्मीदवार मैदान में थे।

राज्य की ये सीटें रहीं चर्चा में

नंदीग्राम विधानसभा सीट

पश्चिम बंगाल में सबसे चर्चित सीट नंदीग्राम रही। यहां राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्षा ममता बनर्जी और भाजपा के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की। 17वें राउंड तक चली मतगणना वाली इस सीट पर सुवेंदु अधिकारी को कुल 1,09,673 वोट यानि कुल वोटों के 48.49% वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 1,07,937 यानी कुल वोटों के 47.64% वोट मिले।

दिनहाटा विधानसभा सीट

सबसे कड़ा और नजदीकी मुकाबला दिनहाटा विधानसभा क्षेत्र में हुआ। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी निषिथ पारामाणिक ने तृणमूल कांग्रेस के उदयन गुहा को 57 मतों के अंतर से पराजित किया। इस विधानसभा में पारामाणिक को 1,16,035 मत मिले जबकि गुहा को 1,15,978 मत मिले।

बलरामपुर विधानसभा सीट

बलरामपुर विधानसभा सीट पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला। इस विधानसभा सीट पर भाजपा के बनेश्वर महतो ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार शांतिराम महतो को 423 मतों से पराजित किया। बनेश्वर महतो को 89,521 मत मिले जबकि शांतिराम महतो को 89,098 मत मिले।

दंतन विधानसभा सीट

इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस के बिक्रम चंद्र प्रधान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के शक्तिपद नायक को 623 मतों से पराजित किया। प्रधान को 95,209 मत मिले, जबकि नायक को 94,586 मत मिले।

कुल्टी विधानसभा सीट

कुल्टी विधानसभा सीट पर जीत-हार का अंतर 679 मतों का रहा। यहां भाजपा के अजय कुमार पोद्दार ने तृणमूल कांग्रेस के उज्जल चटर्जी को पराजित किया। पोद्दार को कुल 81,112 मत मिले जबकि चटर्जी को 80,433 मत मिले।

तमलुक विधानसभा सीट

तमलुक विधानसभा सीट पर भी भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कड़ी टक्कर देखने को मिली। यहां तृणमूल कांग्रेस के सौमेन महापात्रा ने भाजपा के उम्मीदवार हरे कृष्ण बेरा को 793 मतों से पराजित किया। महापात्रा को 1,08,243 मत मिले, जबकि बेरा को 1,07,450 मत मिले।

जलपाईगुड़ी विधानसभा सीट

जलपाईगुड़ी विधानसभा सीट पर भी मुकाबला नजदीकी रहा। यहां तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप कुमार बर्मा ने भाजपा के सौजीत सिंह को 941 मतों के अंतर से हराया। बर्मा को 95,668 मत मिले, जबकि सिंह को 94,727 मत मिले।

घाटाल विधानसभा सीट

घाटाल विधानसभा सीट पर भाजपा के सीतल कपट को 966 मतों से जीत मिली। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी शंकर दोलाई को पराजित किया। उन्हें कुल 1,04,846 मत मिले, जबकि कपट 1,05, 812 मत लेकर विजयी हुए।

2016 में टीएमसी ने जीती थी 211 सीटें

बंगाल में फिलहाल टीएमसी की सरकार है। पिछली बार साल 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने कुल 294 सीटों में से 211 सीटें जीतीं थीं। इन चुनावों में कांग्रेस को 44 और सीपीएम को 26 सीटों पर जीत मिली थी, जिसके बाद ममता बनर्जी ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

बंगाल विधानसभा के बारे में महत्वपूर्ण बातें

  • बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का रहता है, लेकिन इस बार चुनाव 292 सीटों पर हुआ, शेष बचीं दो सीटों पर उम्मीदवारों की मौत होने के चलते मतदान नहीं हुआ, अब यह मतदान 16 मई को होगा।
  • चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में कुल 7,32,98,428 मतदाता हैं। इनमें से 3.7 करोड़ पुरुष और 3.5 महिला और 1430 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। इसके अलावा राज्य में 1,12,642 सर्विस वोटर भी हैं।
  • बताना चाहेंगे, राज्य में इस बार कुल 8 चरण में चुनाव आयोजित हुए थे। राज्य का यह 17वां विधानसभा चुनाव था। राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड ज्योति बसु के नाम है, वह पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

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