बिहार विधानसभा ने तृतीय अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक 2020 को ध्वनिमत से पारित किया

अमर भारती : बिहार विधानसभा ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 8868.52 करोड़ रुपये के तृतीय अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक 2020 को विपक्षी विधायकों के बहिर्गमन के बीच सोमवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया। बिहार विधानसभा में पेश विनियोग विधेयक 2020 पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने अपने विभाग की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्रामीण के लिए 2276.80 करोड़ रुपये दिए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास को लेकर पेशेवरों को तैयार करने के लिए 13 फरवरी 2014 को एक प्रबंधन विकास संस्थान (एमडीआई) स्थापित किया है और पटना के बिहटा में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क परिसर में इसके लिए 15 एकड़ में फैली अपनी इमारत के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान को मंजूरी दी है। संस्थान वर्तमान में उद्योग भवन से चलाया जा रहा है। श्रवण ने कहा कि तृतीय अनुपूरक बजट 2019-20 में भवन के निर्माण के लिए 27.98 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 उन्होंने कहा कि “जल-जीवन-हरियाली” अभियान के तहत ग्रीनरी ड्राइव पर सरकार 24,524 करोड़ रुपये खर्च करने का इरादा रखती है। श्रवण ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2005 में पहली बार राज्य की बागडोर संभाली थी राज्य का हरित आवरण क्षेत्र नौ प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है । सरकार ने हरित कवरेज 33 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है।  उन्होंने कहा कि सरकार ने 8.50 करोड़ वृक्षारोपन का लक्ष्य रखा है। श्रवण ने कहा कि “जल-जीवन-हरियाली” के तहत आगामी 9 अगस्त को “बिहार पृथ्वी दिवस” के अवसर पर एक ही दिन में 2.51 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दलों राजद, कांग्रेस और भाकपा माले के विधायक सदन से वाकआउट कर गए। बाद में “बिहार विनियोग विधेयक” के बारे में उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अनुपूरक बजट 8868.52 रुपये में से 6983.52 करोड़ रुपये वार्षिक योजना पर खर्च होंगे जबकि 1876.22 करोड़ रूपये प्रतिबद्ध और स्थापना व्यय पर और 8.76 करोड़ रुपए केंद्रीय क्षेत्र योजना के लिए निर्धारित हैं। राज्य सरकार ने 27 फरवरी को सदन में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 8868.52 करोड़ रूपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया था।