उत्तर प्रदेश में कोरोना से हालात बेकाबू, बढ़ी बेड की मांग

121 आईसीयू एवं एचडीयू बेड बढ़ाए गए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राजधानी में एसजीपीजीआई, डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान तथा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में लगभग 1000 बेड उपलब्ध हैं। प्रदेश सरकार बेड्स की संख्या बढ़ाने पर निरंतर कार्य कर रही है। कल 24 घंटे में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं संस्थानों में 121 आईसीयू एवं एचडीयू बेड बढ़ाए गए हैं।

बेड आरक्षित करने के आदेश

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा कोविड-19 संक्रमित मरीजों हेतु राजधानी में 2000 बेड आरक्षित करने के निर्देश के क्रम में इंटीग्रल इंस्टीट्यूट में 400 बेड, एरा मेडिकल कॉलेज में 700 बेड तथा टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्यवाही की जा रही है शीघ्र ही यह बेड्स उपलब्ध हो जाएंगे।

1500 और वेंटिलेटर की भारत सरकार से मांग

राज्य आपदा मोचक नीति के तहत प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा विश्वविद्यालयों, राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों में दवा, टेस्टिंग और एन 95 मास्क, पीपीई किट की एक माह की आवश्यकता के लिए सौ करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव भेजकर भारत सरकार से 15 सौ और वेंटिलेटर मांगे हैं।

प्रदेश के इन अस्पतालों को भेजी धनराशि

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कानपुर, आगरा, मेरठ, प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर, बांदा, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन, सहारनपुर और बदायूं मेडिकल कॉलेज, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर, केजीएमयू लखनऊ, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ, सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं स्नातकोत्तर शैक्षणिक संस्थान नोएडा, एसजीपीजीआई लखनऊ और राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा को सौ करोड़ रुपए की धनराशि भेजी है।

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