कोरोना की दूसरी लहर अर्थव्यवस्था की रिकवरी के लिए घातक

नई दिल्ली। देश मे कोरोना की दूसरी लहर ने जो दस्तक दी है वो पहले से अधिक खतरनाक है। जिसके चलते लोगों को तो नुकसान पहुँच ही रहा है इसके अलावा अर्थव्यवस्था भी डगमगा रही है। देश में लगातार कोविड संक्रमण के मामले देश की आर्थिक रिकवरी के लिए भी चिंताजनक बन रहे हैं। नोमूरा का आर्थिक गतिविधियों के इंडेक्स नोमूरा इंडिया बिजनेस रिजर्वेशन इंडेक्स के मुताबिक लगातार कोरोना के बढ़ रहे मामले देश की आर्थिक रिकवरी के चिंता का विषय बन सकता है।

समाप्त सप्ताह में 99.3 पर पहुंची थी

एनआईबीआरआई को 100 के करीब पहुंचने में लगभग एक साल का समय लगा, जो गतिविधि के महामारी पूर्व स्तरों को पकड़ती है। यह 21 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 99.3 पर पहुंची थी। तब से आठ सप्ताह में नवीनतम डेटा 18 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के लिए उपलब्ध है। उसके बाद यह लगातार गिरकर 83.8 पर आ गया।

इससे भी बुरा समय आने वाला है

विशेषज्ञों का यह मानना है कि अभी इससे भी बुरा समय आने वाला है। क्योंकि ज्यादातर राज्यों में मामलें बढ़ रहे है। और मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी भी देखी जा रही है जिसके कारण लॉकडाउन का सहारा लिया जा रहा है।

आर्थिक प्रभाव आने वाले हफ्तों मे बढ़ सकता है

नोमूरा के अर्थशास्त्री सोनल वर्मा और अरूदीप नंदी द्वारा कहा गया है कि पिछले सप्ताह से लॉकडाउन की कठोरता के साथ नहीं बढ़ाया गया है। यह अस्थायी हो सकता है क्योंकि राज्य अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक दबाव न पड़े इस कारण सख्त प्रतिबंध लगा रहे हैं। इससे पता चलता है कि दूसरी लहर का आर्थिक प्रभाव आने वाले हफ्तों में बढ़ सकता है।

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