नमक मतलब ईमानदारी, विश्वास और वफ़ादारी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने साबरमती में की ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ की शुरुआत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम से ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ की शुरुआत कर दी है। इस महोत्सव की शुरुआत आज यानी 12 मार्च को इसलिए कि गई क्योंकि आज ही के दिन महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा की शुरुआत की थी। इस साल आजादी के 75 साल पूरे होने वाले है और दांडी यात्रा को 91 साल पूरे हो गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी अक्सर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम जाते रहते है। उन्होंने भारत मे चले स्वच्छता अभियान की शुरुआत भी गांधी जी के आदर्शों पर ही की थी। केंद्र सरकार ने आजादी के 75 साल पूरे होने पर 12 मार्च से ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ मनाने की घोषणा की है। यह आज़ादी का अमृत महोत्सव आने वाले 75 वर्षों तक जारी रहेगा।

वेबसाइट लांच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के अहमदाबाद में ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम की वेबसाइट लांच की।

नमक को कभी उसकी कीमत से नहीं आंका

अहमदाबाद में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम के सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि, ‘आज अमृत महोत्सव का पहला दिन है। यह महोत्सव 15 अगस्त 2022 से 75 सप्ताह पूर्व शुरू हुआ है और 15 अगस्त 2023 तक चलेगा।’ उन्होनें आगे कहा कि, ‘हमारे यहां नमक को कभी उसकी कीमत से नहीं आँका गया। हमारे यहाँ नमक का मतलब है- ईमानदारी। हमारे यहां नमक का मतलब है- विश्वास। हमारे यहां नमक का मतलब है- वफादारी। हम आज भी कहते हैं कि हमने देश का नमक खाया है। ऐसा इसलिए नहीं, क्योंकि नमक कोई बहुत कीमती चीज है। ऐसा इसलिए क्योंकि नमक हमारे यहाँ श्रम और समानता का प्रतीक है।’ 

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