पढ़िये, उत्तराखंड सीएम का वह बयान, जो तथाकथित लिबरल्स को खल गया….

मीडिया ने बनाया तिल का ताड़, संभ्रांत लोग बोले, सही कहा

नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की किस्मत के पन्ने कुछ ऐसे पलटे कि अब वे लगातार सुर्खियों में आ रहे हैं। हाल ही में, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के बाद उत्तराखंड की कमान संभालने वाले नये सीएम तीरथ सिंह को उनके द्वारा दिये गये एक बयान ने चर्चा में ला दिया है।

कार्यशाला उद्घाटन पर बोले थे सीएम

दरअसल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर उत्तराखंड सीएम टी.एस.रावत द्वारा कही गई बातों को मीडिया ने तिल का ताड़ बना दिया है। हालांकि, समाज के संभ्रांत लोगों की माने तो, सीएम रावत ने जो भी कहा, एकदम सही कहा। आइये, जानते हैं कि सीएम तीरथ सिंह रावत ने ऐसा क्या कहा कि वे चर्चा में आ गये।

वाक्या किया साझा

कार्यशाला उद्घाटन दौरान सीएम रावत ने कहा कि, ‘बच्चों में कैसे संस्कार आते हैं, यह अभिभावकों पर निर्भर करता है।’ उन्होनें इस सम्बन्ध में एक वाक्या सुनाया। उन्होनें कहा, ‘जब वह जहाज से एक बार उड़ान भर रहे थे, तो उन्होंने देखा कि एक महिला अपने दो बच्चों के साथ बिलकुल पास में ही बैठी थी। उन्होेने उस महिला से पूछा कि बहन जी कहां जाना है? तो महिला ने जवाब दिया कि, दिल्ली जाना है। उनके पति जेएनयू में प्रोफेसर हैं और वे खुद एनजीओ चलाती थीं।’

यह है वह बयान

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि, मैंने सोंचा, जो महिला खुद एनजीओ चलाती हो और फटी हुई जींस पहनी हो, वह समाज में क्या संस्कृति फैलाती होंगी? जब हम स्कूलों में पढ़ते थे, तो ऐसा नहीं होता था। उन्होनें कहा कि, यह चिन्ताजनक बात है कि हमारे देश के युवा पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। 

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