राहुल गांधी ने बारिश में भीगते हुए वीर भूमि पर पिता को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली. देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की आज (20 अगस्त) जयंती है।

इस मौके पर उनके बेटे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने दिल्ली स्थित वीर भूमि (Veer Bhumi) पहुंचकर बारिश में भीगते हुए अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राहुल के अलावा कांग्रेस के अन्य दिग्गज नेताओं ने भी पूर्व पीएम को याद कर श्रद्धांजलि दी। बता दें कि, भारत के 6वें प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। देश के सबसे युवा पीएम के रूप में उनका नाम दर्ज है।

वीर भूमि जाने से पहले राहुल गांधी ने अपने पिता को याद करते हुए ट्वीट किया। राहुल ने पूर्व प्रधानमंत्री को दूर दृष्टि से परिपूर्ण और उन्हें अपने वक्त से बहुत आगे का नेता बताया। राहुल ने लिखा, राजीव गांधी एक गजब के दृष्टा और अपने वक्त से बहुत आगे के व्यक्ति थे।

लेकिन, इन सबसे परे वो एक उदार और प्रेम से ओत-प्रोत इंसान थे। राहुल ने ये लिखा कि, मैं उन्हें अपने पिता के रूप में पाकर खुद को बहुत भाग्यशाली महसूस करता हूं। हम उन्हें हर दिन याद करते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री, सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति के जनक, जिन्होंने 21वीं सदी के आधुनिक भारत की नींव रखकर आधुनिकता की छाप छोड़ी, भारत रत्न राजीव गांधी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, राजीव गांधी वो शख्सियत थे जिसमें दूरदृष्टि थी, देश की आवश्यकताओं को समझने की शक्ति थी। उन्होंने ही देश को कंप्यूटर युग में शामिल किया था।

राजस्थान कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने ट्वीट कर कहा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी एक आदर्शवादी थे, जिन्होंने अपनी भविष्य दृष्टि से पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया।

राजीव गांधी का पूरा नाम राजीव रत्‍‌न गांधी था। भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री राजीव गांधी फिरोज गांधी व देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र थे।

राजीव तीन साल के थे जब भारत स्वतंत्र हुआ और उनके नाना जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। राजीव गांधी ने अपना बचपन अपने नाना के साथ इलाहाबाद के तीन मूर्ति हाउस में बिताया।

वे कुछ समय के लिए देहरादून के वेल्हम स्कूल गए। बाद में उन्हें देहरादून के आवासीय दून स्कूल में भेज दिया गया।

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पढ़ाई के दौरान सोनिया गांधी से हुई थी मुलाकात

इसके बाद राजीव गांधी पढ़ाई के लिए लंदन चले गए। इंग्लैंड से उच्‍च शिक्षा लेकर घर लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा पास कर कॉमर्शियल पायलट का लाइसेंस प्राप्त किया और इंडियन एयरलाइंस के पायलट बन गए।

इंग्‍लैंड में पढ़ाई के दौरान ही राजीव गांधी की मुलाकात सोनिया गांधी से हुई थी। जिसके बाद 1968 में दोनों ने शादी कर ली।

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राजनीति में दिलचस्पी नहीं लेते थे राजीव

हालांकि राजीव गांधी को राजनीति में दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन 1980 में छोटे भाई संजय गांधी की मौत के बाद इंदिरा गांधी का सहयोग करने के लिए उन्होंने राजनीति में एंट्री की।

उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1981 में की थी। वह संजय गांधी की लोकसभा सीट अमेठी से सांसद बने। इसके बाद 1983 में कांग्रेस के महासचिव नियुक्त किए गए।

इंदिरा की हत्या के बाद बने कार्यवाहक प्रधानमंत्री

31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या के बाद वह देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 1985 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई और देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने।

21 मई, 1991 को मद्रास के श्रीपेरंबदूर में राजीव गांधी चुनावी रैली को संबोधित करने जा रहे थे तभी एक आत्मघाती बम हमले में उनकी मृत्यु हो गई।