पुलिसकर्मियों ने की हत्या, न्यायिक जांच के आदेश

राजस्थान के बूंदी में पुलिस अभिरक्षा के दौरान एक अधेड़ व्यक्ति की मौत के बाद बवाल मच गया. हत्या का आरोप पांच पुलिसवालों पर लगा है. बताया जा रहा है कि दिवाली का चंदा नहीं देने पर पुलिसवालों ने उस शख्स को पीट-पीटकर और गला दबाकर मार डाला.

इस वारदात के बाद पांचों आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. राज्य सरकार ने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.

मामला बूंदी पुलिस के सदर थाना इलाके की रामनगर पुलिस चौकी का है. जहां पुलिस कस्टडी में लिए गए हरजी कंजर से चौकी में जमकर मारपीट की गई. इसी दौरान उसकी मौत हो गई. परिजन पुलिस के साथ उसे लेकर अस्पताल पहुंचे.

वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद हरजी कंजर के परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर बवाल काटा. हंगामे को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनात की गई. जहां भीड़ के साथ पुलिस की कई बार झड़प भी हुई और धक्का-मुक्की भी.

दरअसल, रामनगर चौकी में हरजी कंजर नामक अधेड़ को हिरासत में लाया गया था. इस दौरान पुलिसवालों ने उससे दीपावली का खर्चा मांगा. जब उसने मना किया तो चौकी पर ही पुलिस जवानों ने उसे इतना मारा कि उसकी मौत हो गई.

उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों ने वहां जमकर बवाल काटा और पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया. कोतवाली थाना पुलिस से मामला संभलते नहीं दिखा तो, बूंदी जिले के आला अधिकारियों को लेकर खुद पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे.

लेकिन वहां हालात बिगड़ते गए और समय निकलता गया. शाम हो गई. परिजनों का हंगामा बढ़ता गया. परिजनों ने शव जिला कलेक्टर के चेंबर के बाहर ले जाने की जिद की और रवाना हो गए. इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई. पुलिस ने शव को जिला अस्पताल में ही रोक लिया.

मृतक के परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने और उनकी गिरफ्तारी किए जाने की मांग पर अड़े रहे. शाम को लंबी मशक्कत के बाद न्यायिक जांच पर सहमति बनी. मौके पर न्यायिक मजिस्ट्रेट एसीजीएम हनुमान सहाय जिला अस्पताल पहुंचे.

जिनकी मौजूदगी में मृतक हरजी कंजर के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया. अब पूरे मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट ही कर रहे हैं. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है.

वहीं, पुलिस अधीक्षक शिवराज मीणा ने सभी आरोपी पुलिसकर्मियों सहित एक एएसआई को भी निलंबित कर दिया है. लेकिन राजस्थान के बूंदी में खाकी की यह बर्बरता कहीं ना कहीं खाकी पर सवाल खड़े कर रही है. जो खाकी आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर पैदा करती है, वही अब खुद