पाकिस्तान के मौलवियों ने मस्जिद में सामूहिक नमाज पढ़ने पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की

पाकिस्तान के प्रमुख मौलवियों ने मस्जिदों में सामूहिक नमाज पढ़ने पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। बताते चलें कि कोरोना वायरस संक्रमण के करीब 5,837 मामले सामने आ चुके हैं और 96 लोगों की मौत हो चुकी है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मुस्लिम देश में मौलवियों और धार्मिक दलों के नेताओं के एक संयुक्त बयान जारी कर मंगलवार को कहा है कि मुस्लिमों के लिए नमाज पढ़ना जरूरी है और जब तक सुरक्षा उपायों का पालन किया जाता, तब तक उन्हें मस्जिद में सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए।

उनकी यह मांग पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के कहने के बावजूद आई है कि वह धार्मिक विद्वानों से मिलेंगे, ताकि पिछले महीने सामूहिक नमाज पर लगाए गए प्रतिबंधों पर चर्चा की जा सके और पांच लोगों को एक साथ जमा होने की सीमा लागू की जा सके। पाकिस्तान के शीर्ष मौलवियों में से एक मुफ्ती ताकी उस्मानी ने कराची में मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि मस्जिदों में तीन या पांच लोगों का प्रतिबंध व्यावहारिक साबित नहीं हो रहा है, जो लोग बीमार हैं, बुजुग हैं, उन्हें मस्जिदों में नहीं आना चाहिए।