ब्रिटेन के इस फैसले से भड़की हुई हैं पाकिस्‍तान की मंत्री माजरी

नई दिल्ली। डॉक्‍टर शिरीन माजरी जो कि पाकिस्‍तान की मानवाधिकार मंत्री है। वह ब्रिटेन पर इतना भड़की हुई हैं कि उन्‍होंने इसमें भारत को भी शामिल कर लिया है।दरअसल मामला यह है कि ब्रिटेन ने पाकिस्‍तान को रेड लिस्‍ट में डाल दिया है। जिसके तहत ब्रिटेन ने पाकिस्‍तान से आने वालों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। उनका कहना है कि पाकिस्‍तानियों के लिए कोरोना के लक्षण आने पर उन्‍हें ब्रिटेन ने क्‍वारंटीन करने को जरूरी बताया है जबकि ये नियम भारतीयों के लिए नही है।

कहा भारतीयों के साथ नहीं होता ऐसा कुछ

एक पाकिस्‍तान के नागरिक ने ट्वीट किया था कि उसको क्‍वारंटीन के लिए ब्रिटेन में 1750 पाउंड प्रति व्‍यक्ति खर्च करना पड़ रहा है। इसके जवाब में माजरी ने ट्वीट किया है कि ये पूरी तरह से अमानवीय है। ये नियम केवल उन्‍हीं लोगों पर लागू हो रहा है जो पाकिस्‍तान के हैं या पाकिस्‍तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं। ये नियम भारतीयों पर लागू नहीं हो रहा है जबकि वहां पर विश्‍व में सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। उनके मुताबिक पाकिस्‍तान को रेड लिस्‍ट किए जाने की बड़ी वजह पाकिस्‍तान से किया जाने वाला दुर्व्‍यवहार ही है।

ब्रिटेन पर लगाया आरोप

अपने ट्वीट में उन्‍होंने लिखा है कि ये ब्रिटेन के पाकिस्‍तानियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है। अपने ट्वीट में उन्‍होंने उस पाकिस्‍तानी नागरिक का भी वीडियो शेयर किया है और कहा इन लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्‍हें खाने को भी कुछ नहीं दिया जा रहा है और छोटे बच्‍चों को जो खाना मिल रहा है वो बेहद ठंडा है जिससे बच्‍चे बीमार हो सकते हैं। इन लोगों का कहना है कि करीब 18-19 परिवारों के साथ इस तरह का रवैया अपनाया जा रहा है। क्‍वारंटीन हुए एक पाकिस्‍तानी नागरिक का कहना है कि ब्रिटेन को मानवाधिकारों के तहत ही सही लेकिन पाकिस्‍तानियों के साथ अच्‍छा सुलूक करना चाहिए।

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