विदेश की तर्ज पर अल्फा एक में गुलजार होंगी रातें

अमर भारती : लंदन, बैंकॉक, थाइलैंड, शिकागो के नाइट कल्चर की तरह अल्फा एक में भी रातें गुलजार होंगी। कल्चरल फेस्ट, नाटक, डांस आदि के बीच खाने-पीने का भी पूरा इंतजाम होगा। न वाहनों का शोर होगा और न दुकानें बंद होने की चिंता। शहर में नाइट कल्चर के लिए ऐसी 4 जगहों को चिह्नित किया जाएगा। सबसे पहले अल्फा 1 की कमर्शल बेल्ट को एंटरटेनमेंट व फन के हैंगआउट के तौर पर विकसित किया जाएगा।

ग्रेनो अथॉरिटी के सीईओ नरेंद्र भूषण व अन्य अधिकारियों ने रविवार को यहां का दौरा किया। सीईओ ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स, कलाकार, मल्टिनैशनल कंपनियों में काम करने वाले देश-विदेश के लोग और अन्य कामकाजी परिवार रह रहे हैं। शहर में अभी ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां वे परिवार के साथ हैंगआउट कर सकें। लिहाजा इंटरटेनमेंट और कल्चरल कार्यक्रमों को देखने के लिए शहर के लोग दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव की ओर जाते हैं। यहां तक कि पराठा खाने के लिए भी ग्रेनो के लोग मानेसर तक जाते हैं।

अब तय किया गया है कि ग्रेटर नोएडा में इस तरह के 3 से 4 मनोरंजन के अड्डे विकसित किए जाएंगे। सबसे पहले अल्फा-1 कमर्शल बेल्ट में इस तरह का एरिया विकसित करेंगे। यहां मेट्रो का स्टेशन है और बड़ी संख्या में दफ्तर हैं। इस एरिया में मनोरंजन, कला-संस्कृति, फूड जोन, म्यूजिक, लाइव बैंड परफॉर्मेंस, लाइट एंड साउंड शो, लेजर शो व लाइटिंग आदि का बंदोबस्त होगा। स्थानीय कालाकार व स्टूडेंट्स भी इस जगह पर अपनी कला का जादू दिखा सकेंगे। यह सब ओपन एरिया में होगा। यहां एक स्टेज विकसित होगा, जहां कलाकार अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे।

ओपन स्पेस में फूड कोर्ट होगा। दर्शकों के बैठने के लिए स्थान भी बनेंगे। ओपन ग्रीन एरिया को परफॉर्मेंस एरिया के तौर पर विकसित किया जाएगा। संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस जगह पर लाइट, स्ट्रीट लाइट और लाइट शो की व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए गए हैं। परिवहन से संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि लोगों को इस जगह लाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की जाए। वैसे यहां से मेट्रो भी गुजर रही है। फायर सेफ्टी, पार्किंग और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए गाइड लाइन तय होगी