नीतीश की कृषकों, कृषि प्रक्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

अमर भारती : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषकों, कृषि प्रक्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बुधवार को बैठक की और कहा कि उनकी कोशिश होगी की किसानों को अधिक से अधिक सहायता कर सकें। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में राज्य के कृषकों एवं कृषि प्रक्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान 27 किसान प्रतिनिधियों ने नीतीश के समक्ष अपनी-अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखे। बैठक के दौरान नीतीश ने कहा कि कृषि रोडमैप लागू होने से कृषि क्षेत्र में सफलता मिली है।

राज्य में कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी है लेकिन कृषि के क्षेत्र में अभी और काम करने की जरूरत है। लोगों की इच्छाएं और आकांक्षाएं बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के 89 प्रतिशत लोग गांव में निवास करते हैं, जिसमें 76 प्रतिशत लोगों की आजीविका का आधार कृषि है। गांव में लोगों की सुविधाओं के लिए काम किए जा रहे हैं। हर घर बिजली उपलब्ध करा दी गई है। हर घर तक पक्की गली-नाली का निर्माण कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘किसानों की स्थिति बेहतर हो, उनकी आमदनी बढ़े इसके लिए हमलोगों ने कृषि रोडमैप में कई बिंदुओं को प्राथमिकता में रखा है।’’नीतीश ने कहा, ‘‘अगर कृषि को बढ़ावा देना है तो गांव तक पहुंच पथ जरुरी है। इसको ध्यान में रखते हुए हमलोगों ने आवागमन की सुविधा को बेहतर बनाया है। ग्रामीण पथ को बेहतर बनाने के साथ-साथ बेहतर रखरखाव के लिए काम किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि फसलों की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए उत्तम गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिये प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि मगही पान उत्पादन को प्रोत्साहित और मशरुम की खेती को और प्रचारित किए जाने की जरुरत है।उन्होंने कहा कि बिहार में अंडे के उत्पादन को यहां की खपत के अनुरुप और बढ़ाना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमलोगों का सपना है कि हर हिंदुस्तानी की थाल में एक बिहारी व्यंजन हो।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा किनारे के 13 जिलों में जैविक खेती की शुरुआत की गई है।

उन्होंने जमुई जिले के क्षेत्रों को भी जैविक खेती से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु में परिवर्तन को देखते हुए आठ जिलों में मौसम के अनुकूल फसल चक्र की शुरुआत की गई है, जिसका विस्तार बाद में सभी जिलों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गई है। अगले तीन वर्षों में इस अभियान पर 24 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।