निघासन कांड : कॉन्स्टेबल को उम्रकैद, क्षेत्राधिकारी को भी पांच साल की सजा

अमर भारती : सीबीआई की एक अदालत ने वर्ष 2011 में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन थाना परिसर में एक लड़की की हत्या के मामले में शुक्रवार को एक पुलिस कांस्टेबल को उम्र कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी इनायत उल्ला खां को भी 5 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

हालांकि अदालत ने दो अन्य पुलिसकर्मियों शिवकुमार और उमाशंकर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। न्यायालय ने गत 24 फरवरी को दोनों पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया था और सजा सुनाने की तारीख 28 फरवरी नियत की थी।  सीबीआई अदालत के जज प्रदीप सिंह ने कॉन्स्टेबल अतीक अहमद को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी माना। वहीं तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी इनायतुल्लाह को कत्ल के सुबूत मिटाने का कसूरवार ठहराया। अतीक उस वक्त खान का गनर था।

मालूम हो कि 10 जून 2011 को एक नाबालिग लड़की का शव निघासन थाना परिसर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका पाया गया था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। आशंका थी कि उसकी बलात्कार के बाद हत्या के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। इस मामले की जांच शुरू में सीबीसीआईडी ने की थी बाद में मामले की तफ्तीश सीबीआई के सुपुर्द की गई थी।