NEET admission: सुप्रीम कोर्ट का एडमिशन को लेकर बड़ा फैसला, अल्पसंख्यक कॉलेजों पर भी होगा लागू

देश में मेडिकल और डेंटल कोर्स में एडमिशन के लिए नीट (NEET) के जरिए ही प्रवेश परीक्षा होगी। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेस में कहा कि MBBS, MD या या डेंटल कोर्स में एडमिशन के लिए यूनिफॉर्म एग्जाम नीट ही होगा और ये सभी संस्थानों पर लागू होगा। इनमें सहायता प्राप्त या गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थान भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसमें अल्पसंख्यक संस्थानों के संवैधानिक अधिकारों में दखल का मामला नहीं बनता।

जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि NEET के जरिए मेडिकल और डेंटल कोर्स में एडमिशन का जो फैसला लिया गया था वो एडमिशन में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लिया गया है। एडमिशन की ये प्रक्रिया एक समान है।

खंडपीठ ने उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि NEET प्राइवेट संस्थानों को व्यापार और व्यवसाय के संवैधानिक अधिकार में दखल देता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 19 (1) जी कहीं से भी पूर्ण अधिकार नहीं है और इसमें वाजिब रोक का प्रावधान है। स्टूडेंट के हित में यही है कि काबिल बच्चों को आगे लाया जाए और उन्हें मान्यता मिले। इसके लिए यूनिफॉर्म प्रवेश परीक्षा ही तार्किक है और इस वजह से ही मेडिकल और डेंटल कोर्स में एडमिशन के लिए NEET का प्रावधान किया गया है। इससे एडमिशन में भ्रष्टाचार को रोका जा सकेगा।