नक्सलियों के कब्ज़े में सीआरपीएफ जवान…?

सघन तलाश जारी, कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे अधिकारी

नई दिल्ली।
 छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को हुए नक्सली हमले के बाद से जम्मू के नेत्रकोटी गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद लापता जवान की तलाश जारी है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए। कुछ जवानों के लापता होने की भी खबर हैं। इसमें से एक हैं जम्मू जिले के बरनई इलाके के रहने वाले सीआरपीएफ कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास।

परिवार को सीआरपीएफ नहीं दे रही जानकारी

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया है कि सीआरपीएफ के 210 कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास की खोज में पुलिस दल को रवाना कर दिया गया है। वहीं, जवान के बारे में ग्रामीणों से भी पूछताछ की गई है। सीआरपीएफ हेडक्वार्टर से लगातार संपर्क करने के बाद भी उनके परिवार को पुख्ता जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि आखिर राकेश्वर हैं कहां? फिर अचानक एक स्थानीय पत्रकार का फोन आया और उसने जानकारी दी कि राकेश्वर नक्सलवादियों के कब्जे में हैं और सुरक्षित हैं। हालांकि, अभी तक सरकार या सीआरपीएफ द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सिपाही की पत्नी ने की पीएम से अपील

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील करते हुए उनकी पत्नी मीनू चिब ने कहा कि, किसी भी कीमत पर नक्सलियों से उनके पति की रिहाई ठीक वैसे ही सुनिश्चित की जाए जैसे पाकिस्तान में पकड़े जाने पर, भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन को रिहा करवाया गया था। मीनू ने कहा, ‘मेरे पति 10 साल से देश के लिए लड़ रहे हैं। आज मौका है, जब देशवासी उनके लिए संघर्ष करें। उनके लिए प्रार्थना करें। भगवान करे, वह जल्द, सुरक्षित लौट आएं।’ 

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