मध्य प्रदेश में 38 दिन बाद खुले मंत्रालय, 30 प्रतिशत कर्मचारियों को ही बुलाया

मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के बाद शुरू हुए वर्क फ्रॉम होम के 38 दिन बाद गुरुवार को फिर मंत्रालय खुल गए। हालांकि यहां अभी काम के लिए सिर्फ 30 प्रतिशत कर्मचारियों को ही बुलाया गया है। बाकी 70 फीसद कर्मचारी घर से ही कार्य संपादित करेंगे। इसके लिए रोस्टर सिस्टम भी लागू किया गया है।

अवर सचिव स्तर से ऊपर के अधिकारियों के लिए अब वर्क फ्रॉम होम नहीं रहेगा। वल्लभ भवन (मंत्रालय), विंध्याचल और सतपुड़ा संचालनालय के साथ सभी राज्य स्तरीय कार्यालय खुल गए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने कार्यालयों में काम शुरू करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए थे। इसके पहले लॉकडाउन के मद्देनजर 22 मार्च को सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए थे कि 23 मार्च से वर्क फ्रॉम होम होगा।

वे अधिकारी-कर्मचारी ही मंत्रालय आएंगे, जिन्हें कोरोना अभियान के मद्देनजर ड्यूटी में लगाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो दिशा-निर्देश दिए हैं, उसके अनुसार मंत्रालय और राज्य स्तरीय विभागाध्यक्ष कार्यालयों में कामकाज शुरू किया गया है। बाहरी व्यक्तियों के कार्यालयों में आने पर प्रतिबंध फिलहाल बरकरार है।संक्रमित क्षेत्रों से किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को आने-जाने की इजाजत नहीं है और न ही ऐसे लोगों को कार्यालय बुलाया जा रहा है। जिला कार्यालयों में पहले ही तरह व्यवस्था है।