लोनी पुलिस ने दो शातिर ठगों को किया गिरफ्तार

अमर भारती : गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने पैसे तीन गुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह के दो शातिर ठगो को गिरफ्तार किया है गिरफ्तार अभियुक्त लोगों को पैसे दोगुने करने के नाम पर उन्हें मनोरंजन बैंक के नकली नोट देकर ठगी करते हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों से पुलिस ने मनोरंजन बैंक के नोटो की 60 गड्डी जिसमें पांच सौ रुपए के कूपन (30 लाख ) के एंव तीन हजार रूपये नगद जिसमे पांच सौ रूपये के छह नोट बरामद हुए है जो इन्होने मनोरंजन बैंक की कूपन की गड्डीयो के ऊपर लगा रखे थे। गैंग के दो सरगना एक पीड़ित से 10 लाख रुपये लेकर मौके से फरार हो गए। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही हैं। ठगों ने हरियाणा से एक पीड़ित को लोनी पैसे देने के लिए बुलाया था।

प्रेस वार्ता में क्षेत्राधिकारी लोनी राजकुमार पांडेय ने बताया कि रविवार रात पुलिस को सूचना मिली थी, कि बलरामनगर कालोनी में एक कार में असली और नकली नोटों का लेनदेन हो रहा हैं। सूचना पर लालबाग पुलिस चौकी इंचार्ज अखिलेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर दो युवकों दीपक निवासी सिंघावली हापुड और चंद्रप्रकाश निवासी जाफराबाद दिल्ली भागने का प्रयास करने लगे पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। बार्डर थाना प्रभारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फतेहाबाद हरियाणा के रहने वाले संदीप कुमार फल आढती हैं। करीब डेढ़ माह पूर्व उनके यहा काम करने वाली एक महिला ने बिहार के रहने वाले एक नेताजी नाम के एक व्यक्ति द्वारा हाथों हाथ पैसों को तीन गुना करने के बारे में बताया।

महिला ने नेताजी और संदीप की फोन पर बात करा दी। नेता ने एक करोड़ से कम डील नहीं करने को कहा। लेकिन संदीप ने उनके पास मात्र 10 लाख रुपये होने की बात कही। नेताजी पैसे तीन गुना करने के लिए तैयार हो गए। करीब एक माह तक दोनों की बात चलती रही। शुक्रवार को नेता ने पैसों को तीन गुना करने के लिए संदीप को लखनऊ बुलाया। यहां दो दिनों बाद गोरखपुर में मिलकर 10 लाख के बजाए 30 लाख रुपये देने की बात हुई। नेताजी ने पैसे लेकर आए। लेकि संदीप ने पहले सारे पैसे गिनने के लिए कहा।

इस बात पर नेताजी ने मना कर दिया। नेताजी ने रविवार को दिल्ली में पैसे देने की बात कहीं और कहा कि दिल्ली आजाओ पहले पैसे गिनना फिर पैसे देना। रविवार को संदीप अपनी कार में बैठकर दिल्ली आए। लेकिन नेताजी ने उन्हें पहले गाजियाबाद के कविनगर में बुलाया। बाद में संदीप को लोनी तिराहा स्थित हनुमान मुर्ति के पास बुलाया। नेताजी के गैंग का एक सदस्य चंद्रप्रकाश लोनी में संदीप का इंतजार कर रहा था। वह उसके साथ गाड़ी में बैठकर उसे बलरामनगर कालोनी में ले आया। यहां दो बाइकों पर 30 लाख की नकली करेंसी( मनोरंजन बैंक) पैसों से भरे बैग को लेकर गैंग का सरगना नेताजी, अशरफ और दीपक आए।

उन्होंने संदीप को 500 रुपये के नोट की 60 गड्डी देदी संदीप ने उन्हें असली के दस लाख रुपए दे दिए जिसके बाद अशरफ ने संदीप से कहा कि चंद्रप्रकाश और दीपक तुम्हें एक एक नोट की गिनवायेंगे और तुम्हारी तसल्ली के लिए बैंक में भी जमा करवाएंगे जिसके बाद अशरफ वहां से चला गया इसी बीच पुलिस को गाड़ी में हो रहे लेनदेन की जानकारी मिली  मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर गाड़ी में बैठे दोनों व्यक्ति भागने लगे जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद संदीप ने नोटों की गड्डी खोलकर देखी तब उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला संदीप ने बॉर्डर थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज कराया फरार आरोपी अशरफ की तलाश की जा रही है।

रिपोर्ट-यशपाल कसाना