संक्षेप में जानिए, कैसे हुआ सीआरपीएफ जवानों पर हमला

पहले यू शेप एंबुश में फंसाया, फिर बरसाईं गोलियां

नई दिल्ली।
 छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बीते एक दिन पहले कुख्यात हिडमा ने सीआरपीएफ जवानों पर घात लगाकर हमला किया। नक्सलियों ने जवानों को अपने जाल में यू शेप ऐंबुश बनाकर फंसा लिया था। अब सवाल यह उठता है कि यह यू शेप ऐंबुश क्या है?

गुरिल्ला युद्धक्षेत्र है जोनागुडा

बताया जा रहा है कि नक्सली हिडमा को पकडने के लिए सेना के जवानों की 2000 लोगों की टीम को अलग-अलग इलाकों से जंगल के अन्दर भेजा गया। नक्सलियों को शायद जवानों के आने का पहले से ही पता था। इसलिए शुरुआत में नक्सलियों जवानों से किसी प्रकार की कोई गोलीबारी नहीं की और घने जंगल में उन्हें अन्दर तक आने दिया। सूत्रों के मुताबिक, जोनागुडा का पहाडी इलाका गुरिल्ला युद्ध क्षेत्र माना जाता है, यहां छिपकर वार करने की रणनीति ही काम आती है, जिसे गुरिल्ला युद्ध कहा जाता हैं।

तीन तरफ से घिर गये जवान

जवानों को यह इनपुट मिला था कि नक्सली कमांडर हिडमा यहां छिपा है, जिसके चलते धीरे-धीरे करके सभी जवान यू शेप ऐंबुश में पहुॅच गये। जिसमें दाखिल होने के बाद बाहर निकलनें का रास्ता ही बन्द था। हिडमा ने बटालियन को तीन तरफ से घेर लिया था, हिडमा की बटालियन ऊपर थी और जवान नीचे। फिर जवानों की घेराबंदी कर फायरिंग शुरु कर दी। जवान चारों तरफ से घिर चुके थे और उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा। फिर भी जवानों ने बटालियन को मुंह तोड जवाब दिया।

करीब 800 नक्सली थे

नक्सली हमला कर सामान लूटते गये और जंगल में पीछे की तरफ भागते गये। इस मुठभेड में नक्सलियों का भी बहुत नुकसान हुआ, इस मुठभेड में 22 जवान शहीद हो गये। मुठभेड में शामिल एक जवान ने बताया की टीम में 800 नक्सली थे। अधिकतर हिडमा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ में ही शरण लेते हैं और घटना स्थल भी तेलंगाना की सीमा से लगा हुआ है।

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