एसएसआई लोगों की फरियाद सुनते रहें, एसएचओ होली खेलने में मगन रहें

अमर भारती : शहर के एक थाने में होली खेलने को लेकर एसएचओ और एसएसआई में विवाद हो गया। एसएचओ का एसएसआई से कहना था कि अब नोएडा कमिश्नरेट बन गया है। ऐसे में थाने में कोई भी पुलिस वाला होली न खेले। अगर होली खेलने के दौरान कोई विवाद हुआ तो थाने का नाम बदनाम होगा। वहीं एसएसआई का कहना था कि साल भर में पुलिसकर्मी केवल होली का ही त्योहार ही मना पाते हैं।

ऐसे में जो होली खेलना चाहते हैं, वे होली खेलें और बाकी पुलिस ड्यूटी कर लेगी। इसको लेकर एसएचओ आग बबूला हो गए और एसएसआई पर भड़क गए। इस पर एसएसआई ने एसएचओ से कहा कि मैं थाने के किसी भी स्टॉफ को होली खेलने से मना नहीं करूंगा। आप चाहे तो कर सकते हैं। कुछ देर बाद कुछ पुलिस वाले थाने में डीजे लेकर आ गए। थाने के पीछे डीजे बजाया और होली खेली गई।

वहीं एसएसआई थाने में वर्दी पहनकर अपनी कुर्सी पर बैठे हुए फरियादियों की फरियाद सुनते रहे, लेकिन एसएचओ थाने में नजर नहीं आए। शहर के कुछ थानों में होली का जश्न मनता नहीं दिखाई पड़ा। कुछेक थानों में सन्नाटा पसरा हुआ था। बता दें कि पिछले वर्ष होली के मौके पर जिले में एसएसपी के पद पर वैभव कृष्ण तैनात थे। होली से पहले उन्होंने थाने के एक एसएचओ व कथित मीडियाकर्मियों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनका खौफ इस कदर था कि पिछले वर्ष शहर के थानों में पुलिस वाले होली का जश्न ही नहीं मना सके थे।

रिपोर्ट-खूशबू सिंह