जयपुर पहुंचे कफील खान का योगी सरकार पर हमला, क्‍या कहा देखें ये रिपोर्ट

जयपुर. इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद गोरखपुर के डॉक्टर कफील खान (Dr Kafeel Khan) जेल से रिहा हो चुके हैं।

कफील खान ने बाहर आकर आपबीती बताई और उनके साथ क्या बीती थी इसके बारे में जानकारी दी। NSA के तहत जेल में डाले गए डॉक्टर ने कहा कि क्योंकि मैंने सिस्टम को उजागर करने की कोशिश की, इसलिए योगी सरकार ने मुझे फंसा दिया।

प्रियंका का किया शुक्रिया

डॉ. कफील ने कहा कि मथुरा राजस्थान बॉर्डर से लगा हुआ है। इसलिए, जेल से छूटने के बाद मैं भरतपुर आ गया। प्रियंका जी ने भी मदद की। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है।

इसलिए हम यहां सुरक्षित रह सकते हैं। परिवार को भी ऐसा ही लग रहा है। क्योंकि, पिछले साढ़े सात महीने मेरा मेंटल हरेसमेंट हुआ। फिजिकली टॉर्चर भी किया।

नौकरी ज्वॉइन करने के लिए मुख्यमंत्री से करूंगा गुजारिश

डॉ. कफील ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है तो ऐसे में मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखूंगा कि चिकित्सक के रूप में मेरी सेवाएं बहाल की जाएं।

अगर मुझे इसकी अनुमति नहीं मिलती है तो मैं कार्यकर्ता के रूप में असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिकित्सा शिविर लगाउंगा।

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राजस्थान में हूं ज्यादा सुरक्षित’

कफील खान ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ जयपुर आए हैं क्योंकि उनका व उनके परिवार का मानना है कि वे यहां अधिक सुरक्षित हैं।

खान ने कहा, राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। मेरे परिवार का मानना है कि हम यहां सुरक्षित रहेंगे। मैं अपने परिवार के साथ कुछ अच्छा समय बिताना चाहता हूं।

डॉ. खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने उन्हें गलत तरीके से फंसाकर जेल भेजा क्योंकि वह व्यवस्था की खामियों को उजागर कर रहे थे।

ऑक्सीजन कांड के बाद चर्चा में आए थे

कफील खान ने कहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत हुई तो मैंने व्यवस्था में कमियों का खुलासा करने की कोशिश की।

हमारे मुख्यमंत्री को यह अच्छा नहीं लगा और मेरे खिलाफ एक झूठा मुकदमा दर्ज कर मुझे जेल में डाल दिया गया। खान ने गिरफ्तारी के दौरान उत्पीड़न का भी जिक्र किया।

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भड़काऊ भाषण देने के बाद किया था गिरफ्तार

बता दें कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत खान की गिरफ्तारी को मंगलवार को अवैध बताया और उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए।

अदालत के आदेश के बाद खान को मंगलवार देर रात मधुरा की जेल से रिहा किया गया। कफील संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले साल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जनवरी से जेल में बंद थे।