ऑपरेशन समुद्र सेतु-II के तहत नौसेना ने तैनात किये 7 जहाज

आम नागरिकों के लिए खोले गए नौसेना के अस्पताल

नई दिल्ली। कोरोना के खिलाफ देश की तीनों सेनाएं जुट गई हैं और कोविड से जंग में जरूरी हथियार यानि चिकित्सीय सहायता लाने के लिए सात समुंदर पार तक जा रही हैं। इसी कड़ी में देश की नौसेना ने भी कमान संभाल ली है और विदेशों से लिक्विड ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनर और उससे जुड़े मेडिकल उपकरण भारत लाने के लिए ऑपरेशन समुद्र सेतु-II के तहत कार्य कर रही हैं।

नौसेना के कोविड संबंधी प्रयासों की समीक्षा की

इसी के मद्देनजर नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करके कोविड संकट के दौरान नौसेना की ओर से किये जा रहे इंतजामों के बारे में जानकारी दी। समीक्षा के दौरान एडमिरल करमबीर सिंह ने पीएम मोदी को अवगत कराया कि विदेशों से लिक्विड ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनर और उससे जुड़े मेडिकल उपकरण भारत लाने के लिए ऑपरेशन समुद्र सेतु-II लॉन्च किया गया है। इस मिशन के लिए भारतीय नौसेना ने 7 जहाजों को तैनात किया है। ​

आम नागरिकों के लिए खोले गए नौसेना के अस्पताल

​नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने ​​यह जानकारी भी दी कि नौसेना लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ा रही है। साथ ही बताया कि विभिन्न शहरों में नागरिकों के उपयोग के लिए नौसेना के अस्पताल खोले जा रहे हैं। कोविड-19 के खिलाफ देश की लड़ाई के समर्थन में 7 भारतीय जहाजों आईएनएस कोलकाता, कोच्चि, तलवार, तबर, त्रिकंद, जलाश्व और ऐरावत को तैनात किया गया है। सभी जहाज विभिन्न देशों से तरल चिकित्सा ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनरों और संबंधित चिकित्सा उपकरणों को भारत लाने के मिशन पर जुटे हैं।

बहरीन, कतर, कुवैत, सिंगापुर से की जा रही आपूर्ति

उन्होंने पीएम मोदी को इस बात से भी अवगत कराया कि भारतीय नौसेना सभी राज्यों में नागरिक प्रशासनों की सहायता के लिए पहुंच गई है। नौसेना की ओर से अस्पताल के बेड, परिवहन और ऐसी अन्य चीजों के लिए मदद करने की पेशकश की गयी है। उन्होंने पीएम को यह भी बताया कि कोविड संबंधी कार्यों के प्रबंधन के लिए नौसेना के चिकित्सा कर्मियों को देश के विभिन्न अस्पतालों में तैनात किया गया है। कोविड अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों को बढ़ाने के लिए नौसेना के कर्मियों को बैटल फील्ड नर्सिंग असिस्टेंट ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा उन्होंने यह जानकारी भी दी कि भारतीय नौसेना ऑक्सीजन कंटेनरों के साथ-साथ बहरीन, कतर, कुवैत और सिंगापुर से भारत को अन्य आपूर्ति कर रही है।

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