कश्मीर में IS के लिए भर्ती करने वाला आतंकी एजाज अहमद 25 साल बाद अफगानिस्तान में गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर में इस्लामिक स्टेट के लिए आतंकियों की भर्ती में जुटा आतंकी एजाज अहमद अहंगर 25 साल बाद अफगानिस्तान में पकड़ा गया है। उसे इसी माह की शुरुआत में अफगान सुरक्षाबलों ने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत के चीफ कमांडर असलम फारुकी के साथ कंधार में पकड़ा गया है।असलम फारुकी के इशारे पर ही काबुल के शोर बाजार स्थित 400 साल पुराने गुरुद्वारे पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 25 सिख श्रद्धालुओं की मौत हुई थी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी इस हमले के संदर्भ में एक मामला दर्ज कर जांच शुरु कर रखी है। एजाज अहमद उर्फ अली मोहम्मद उर्फ उसामा अल कश्मीरी की गिरफ्तारी को भारत के लिहाज से भी एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों की आमद और नेटवर्क के पीछे उसका ही हाथ है। वह अफगानिस्तान में बैठकर पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर स्थित अपने संपर्क सूत्रों के जरिए कश्मीर में नए लड़कों की आईएसआईएस के लिए भर्ती कर रहा था।

वह अल-कायदा और जैश-ए-मोहम्मद के अलावा तहरीक-उल-मुजाहदिहन व हरकत-उल-अंसार के पुराने आतंकी कमांडरों व उनके साथ कश्मीर में सहानूभूति रखने वालों को भी अच्छी तरह जानता है। एजाज अहमद श्रीनगर में अलगाववादियों और आतंकियों का गढ़ कहे जाने वाले डाउन-टाउन के नवाकदल इलाके का रहने वाला है। एजाज जम्मू-कश्मीर के सबसे पुराने आतंकियों में एक गिना जाता रहा है। वह 1990 में आतंकी बनने के लिए पाकिस्तान गया था।