बीमारी से पाना है निज़ात तो आइये खागसँग

अमर भारती : खागसँग एक निःशुल्क थेरेपी सेंटर है। जिसका ब्रांच  भारत के मध्यप्रदेश,दिल्ली,उत्तर प्रदेश समेत  कई  राज्यों में है।  इस थेरेपी सेंटर में  आने वाला हर वह व्यक्ति जो किसी गम्भीर बीमारी से जूझ रहा हो इस संस्था का सदस्य बन जाता है।

आज हर व्यक्ति किसी न किसी गम्भीर बीमारी से जूझ रहा है,तमाम कोशिशों के बावजूद भी बीमारी से निजात नही मिल पाता है, लेकिन एक बार खागसँग में आ गए तो गम्भीर से गम्भीर बीमारी  कुछ दिनों में समाप्त हो जायेगी। यह एक निशुल्क थेरेपी है जिसका लाभ आज जिले के सैकड़ो लोग लेने के लिए यहाँ आ रहे हैं। जी हाँ खागसँग के संचालक अमिन जी का कहना  है कि यह एक हेल्थ केयर  सेंटर है।

 जहाँ लो लेवल लेज़र थेरेपी,चैम्प बीम, जो की सबसे आधुनिक थेरेपी मशीनों में से एक है,लेज़र क्वीन लेज़र क्वीन को शरीर पर लो लेवल लेज़र फेडोलाइट का अधिकतम हीलिंग प्रभाव पहुंचाने के लिए प्रयोग किया जाता है। अमिन का कहना है कि इस लेज़र क्वीन से निकलने वाली F.I.R.किरणे शरीर में नई एवं पुरानी से पुरानी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

फेडो सामछो:फेडो सामछो एक साऊथ कोरियाई शब्द है।साम छो दो शब्दों से मिलकर बना है । साम का अर्थ होता है थ्री तीन जबकि छो का अर्थ होता है गर्मी। इसका मतलब यह है कि जब हम साम छो का यूज़ करते हैं  तो यह एक साथ शरीर के तीन भागों में FIR र्ज़ का लाभ प्रदान करता है।

इन थेरेपी  के द्वारा  लोग फिट रहने के लिए जबकि  कुछ ऐसे व्यक्ति भी हैं जो अपनी बीमारी से निजात पाने के लिए भी आ रहे हैं। आपको बता दें कि इस सेंटर का ध्येय वाक्य ही यह है “स्वास्थ्य का रखेंगे ध्यान ,तभी बनेंगे बिगड़े काम।”

क्या कहना है यहां आने वाले लोगों का?

इस संस्था में आने वाले लोगों का कहना है कि जबसे वो यहां आ रहे है उनको बहुत अच्छा और स्वस्थ फील हो रहा है। वहीं एक पैरालाइज रिटायर पुलिस  का कहना है कि जब वह यहां पहले दिन आये तो अपना नाम तक नही बोल रहे थे लेकिन आज सामान्य रूप से बातचीत भी कर ले रहे हैं।

वहीं खागसँग में आने वाली शाहिदा ने बताया कि इनके पेट में शिष्ठ था,ठंड के समय में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था लेकिन जबसे खागसँग आ रही हैं इनको बहुत  आराम मिला है। खागसँग आने वाली साहिला का कहना है कि ये भी तमाम बीमारियों से परेशान थीं।

कई जगहों पर इलाज भी करवायीं, कुछ सुधार नही हुआ लेकिन जबसे खागसँग आ रही है अपने को फिट देख  पा रही हैं। इस सेंटर में ऐसे कई लोग आते हैं जो विभिन्न बीमारियों से पीड़ित  थे,अब ठीक हैं और अब फिट रहने के लिए आ रहे हैं।

प्रकाशिनि मणि त्रिपाठी