निर्ममता की पराकाष्ठा : ज़मीनी ‘भगवान’ बने हैवान

बिल न भर पाने पर किया शव देने से इंकार

गुजरात। विश्वभर में कोरोना ने एक बार फिर कहर मचा रखा है। इस बार कोरोना से उबर पाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। भारत में तो कोरोना के आंकड़े आए दिन बढ़ ही रहे हैं। संक्रमितों की संख्या इस तादाद में बढ़ रहे है कि उनको नियंत्रण में कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा है। देश के कई राज्यों में कोरोना ने हाहाकार मचा रखा है उनमें से एक गुजरात भी है।

अस्पताल की निर्ममता

राज्य के कई अस्पताल कोविड मरीजों और शवों से भरे हुए हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच भी वलसाड के एक अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुन सभी सोच में पड़ जाएंगे कि कोई इतना कठोर कैसे हो सकता है? घटना यह है कि यहां के एक अस्पताल में बिल न भर पाने की वजह से परिजनों को कोविड मरीज का शव नहीं दिया गया।

शव देने के लिए गिरवी रखी गाड़ी

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों ने शव देने से इनकार कर किया। अस्पताल ने शव देने से पहले पूरा बिल भरने को कहा। इतना ही नहीं अस्पताल ने शव देने के लिए परिवारजनों की गाड़ी तक को गिरवी रख लिया। ऐसी परिस्तिथि में भी सिर्फ धंधा किया जा रहा है। अस्पतालों को केवल बिल से मतलब है, इंसानियत तो बिल्कुल खो ही चुके हैं। बता दें कि पीड़ित को कोरोना के लक्षण दिखने के बाद वापी के 21 सेंचुरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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