भ्रष्टाचार मुक्त शासन की, पोल खोलता ग्राम फुलेहरा

भ्रष्टाचार के आकंठ डूबा राजस्व विभाग

देवरिया उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने के मंसूबों पर पानी फेरने में जुटा जिला प्रशासन सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा किए गए कब्जों पर राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मेहरबान है।

जिसका जीता जागता उदाहरण जनपद के सदर तहसील अंतर्गत देसही देवरिया विकासखंड के राजस्व ग्राम फुलेहरा (पकड़ी वीरभद्र) है।

गांव की सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जे की शिकायत ग्रामवासी गण संजय सिंह पुत्र रामायण सिंह तथा विभूति सिंह द्वारा गांव के ही निवासी विद्यासागर और प्रेम सागर अशोक तथा जितेंद्र के नाम मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर जिलाधिकारी तक दर्जनों बार किया गया।

एसडीएम के आदेश को धता करते राजस्वकर्मी

ग्रामीणों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए उप जिलाधिकारी सदर सौरभ सिंह द्वारा लेखपाल और कानूनगो को आदेशित किया गया की मौके की पैमाइश कर आख्या प्रस्तुत करें , परन्तु भ्रष्टाचार के आकंठ डूबे राजस्व निरीक्षक व हल्का लेखपाल 14 जुलाई को शिकायतकर्ता को बिना नोटिस दिए उक्त ग्राम सभा की भूमि को नापी करने पहुंचे लेखपाल नंदलाल तथा कानूनगो शेषनाथ वर्मा इत्यादि ने ग्राम सभा की भूमि पर कब्जेदारों से मिलकर बिना ग्राम सभा की सीमा को देखे हुए ही गलत तरीके से नापी कर दबंगों द्वारा कब्जा की गई ग्राम सभा की भूमि को कब्जेदारों की नीजी भूमि करार दिया जबकि ग्राम सभा की जूनियर हाई स्कूल की जमीन, खेल का मैदान इत्यादि जो 107 नंबर में है उसकी स्थिति बिना अंतिम निर्णय तक पहुंचाएं ही नापी की खानापूर्ति कर कब्जेदारों से मोटी रकम वसूल कर गलत आख्या शासन को प्रस्तुत कर दिया गया।

शिकायतकर्ता को जानमाल की धमकी देते भूमाफिया

राजस्व विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा गलत नापी कर शिकायत की इतिश्री करने के पश्चात गांव की सरकारी भूमि के कब्जेधारियों द्वारा शिकायतकर्ता को आए दिन जानमाल की धमकी दी जा रही हैं तथा लोगों द्वारा संदेशा दिलवाया जा रहा है अपनी शिकायत को वापस ले लेवे अन्यथा गोली मार देंगे।

सरकारी कर्मचारी हैं कब्जेदार

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्राम सभा की भूमि पर कब्जेदार विद्या सागर ,प्रेम सागर, अशोक तथा जितेंद्र पांडे चारों भाई सरकारी विभाग में कार्यरत हैं ,जिनमें अशोक पांडे लेखपाल के पद पर सदर तहसीलदार कार्यालय में ही कार्यरत है जोकि अपने विभाग का नाजायज फायदा उठाते हुए नापी करने गए लेखपाल कानूनगो को मोटी रकम भेंट कर तहसीलदार की मिलीभगत से सरकारी भूमि के कब्जे को गलत करार दे रहा है।

प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

शिकायतकर्ता संजय सिंह द्वारा दिनांक 23 जुलाई को जनपद के नियमित दौरे पर आए जिले के प्रभारी मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीराम चौहान को गांव में सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जा व राजस्व विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों की शिकायत से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

जनपद प्रभारी मंत्री श्री चौहान ने शिकायतकर्ता संजय सिंह को आश्वस्त किया कि उपरोक्त प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा की गई भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

क्या बोले तहसीलदार सदर

उक्त मामले के संबंध में पूछे जाने पर तहसीलदार सदर ने कहा कि मामले का स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर विधिसम्मत कार्यवाही करुंगा।

2 thoughts on “भ्रष्टाचार मुक्त शासन की, पोल खोलता ग्राम फुलेहरा

  1. ये सच्चाई की हार है न्याय व्यवस्था से आम आदमी का मन गहरे स्तर से फट गया है। अंधेर नगरी चौपट राजा

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