आखिरकार जॉर्ज फ्लॉयड को मिला इंसाफ

नई दिल्ली। पिछले वर्ष अमेरिका के अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड के गले को श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन द्वारा नौ मिनट तक घुटने से दबाने के कारण मौत हो गई थी। यह घटना तब हुई जब फ्लॉयड पुलिस हिरासत में थे।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहा था।

अमेरिकी अदालत का ऐतिहासिक फैसला

इस मामले में अमेरिका की अदालत ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दरअसल फ्लॉयड की मौत के मामले में अदालत ने पूर्व पुलिसकर्मी डेरेक शॉविन को दोषी करार दिया है। डेरेक को दो माह में सजा सुनाई जाएगी। उसे अधिकतक 40 साल की कैद की सजा सुनाई जा सकती है।

हत्या और नरसंहार का दोषी पाया

सस्पेंडेड पुलिस अधिकारी डेरेक शॉविन को फ्लॉयड की हत्या और नरसंहार का दोषी पाया है। बेंच में कुल छह श्वेत, छह अश्वेत और एक मल्टीरेशियल ज्यूरी ने ये फैसला सुनाया है। इसमें सात महिलाओं और पांच पुरुष थे। फैसले के बाद फ्लॉयड के छोटे भाई फिलोनाइस ने कहा कि “आज हम एक बार फिर सांस ले पा रहे हैं।”

नस्लीय भेदभाव के खिलाफ उठी आवाज

जॉर्ज फ्लॉयड की मौत 25 मई 2020 को हुई थी। वे 46 साल थे। जॉर्ज फ्लॉयड सिगरेट खरीदने के लिए दुकान में गए थे, लेकिन दुकान के कर्मचारी ने यह कहते हुए पुलिस को बुला लिया कि जॉर्ज फ्लॉयड ने 20 डॉलर के नकली नोट दिए। गिरफ्तार करने आई पुलिस ने जॉर्ज फ्लॉयड को जमीन पर लिटा दिया और गले पर अपना घुटना डाल दिया। इसी दौरान जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई।फ्लॉयड की मौत के बाद मिनियापोलिस और पूरे अमेरिका में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए और देशभर में नस्लीय भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई गईं। और लंबे विरोध चले थे।

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