कोरोना की रफ्तार से परेशान उद्यमी, एक बार फिर उद्योग बंद होने का खतरा

बढ़ता कोरोना बना चिंता का विषय

नई दिल्ली। होली का त्यौहार और लगातार बढ़ रहा कोरोना इस वक़्त  मानेसर और गुरुग्राम के उद्योगपतियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। वह इस संशय में हैं कि क्या त्यौहार के बाद उनके कर्मचारी लौट कर आएंगे? उद्यमियों के कहना है कि बीते वर्ष कोरोना महामारी ने पूरे एक साल तक काम को थप कर दिया था। इसी साल से काम ने थोड़ी बहुत रफ्तार पकड़ी, लेकिन इसी बीच कोरोना भी अपने चरम पर जा रहा है। लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले उनके भीतर एक भय पैदा कर रहे हैं कि अगर कर्मचारी लम्बे समय के लिए घर चले गए तो काम करना और उद्योग चलाना दोनो मुश्किल हो जाएगा।

कर्मचारियों में लॉकडाउन लगने  का डर

क्योंकि कर्मचारी खुद इस बात से डर रहे हैं कि कोरोना वायरस एक बार फिर फैल रहा है, यदि ऐसे में लॉकडाउन या कर्फ्यू जैसे हालत बन गए तो बहुत मुश्किल हो जाएगा। एक और वजह है , हरियाण के युवाओं को प्राइवेट कंपनियों और फैक्टरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण का आदेश भी इस चिंता की बड़ी वजह है।

अवकाश की वजह बढ़ता कोरोना

जेएमडी ओवरसीज प्राइवेट के मुनेश त्यागी का कहना है कि पिछले साल तक सभी कर्मचारी होली से एक दो दिन पहले ही छुटियां लेकर जाते थे, लेकिन इस बार हफ्ते पहले ही चले गए हैं। जो भी अवकाश ओर गया है सभी हमारे एचआर विभाग में बढ़ते कोरोना को वजह बता कर गए हैं। इसलिए ऐसी स्तिथि में जल्दी वापस आना मुमकिन नही है। वहीं एसकेए एक्सपोर्ट के संजय आहूजा का कहना है कि हरियाणा के युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण का डर यूपी और बिहार के कर्मियों में बना हुआ है। जिसकी वजह से वे पहले ही अपने घर चले गए। उनमे से कुछ तो ऐसे है जो नही आने का संकेत देकर गए हैं। यह इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी समस्या बन सकता है

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