हरियाणा सरकार के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि क्षेत्र पर जोर, विपक्ष ने बजट को निराशाजनक बताया

अमर भारती : हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को राज्य का 2020- 21 के लिये 1.42 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ साथ सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। बजट में कोई नया कर भी नहीं लगाया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य विधान सभा में अपना पहला बजट पेश किया। उनके पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सक्षम छात्रवृति योजना के तहत छात्रवृति बढ़ाई गई है और पांचवी कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्रों को छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा में 1,500 रुपये के मुकाबले अब 6,00 रुपये दिये जायेंगे।  गांवों में जहां सेंकंडरी और सीनियर सैंकंडरी स्कूल नहीं हैं वहां नौंवी और 11वीं कक्षा के दलित छात्रों को मुफ्त साइकिल दी जायेगी।

खट्टर ने ढाई घंटे के अपने लंबे बजट भाषण में कहा कि उनका यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि उनके अगले साल के इस बजट में शिक्षा आवंटन में 31.7 प्रतिशत और स्वास्थय क्षेत्र के लिये 23.17 प्रतिशत वृद्धि की गई है। कुल बजट 1,42,343.78 करोड़ रुपये का है जो कि पिछले साल के मुकाबले 7.70 प्रतिशत अधिक है।

बहरहाल, राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने 2020- 21 के बजट की कड़ी आलोचना की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा, किरण चौधरी और रणदीप सुरजेवाला ने बजट को समाज के सभी वर्गों क लिये निराशा जनक बताया। विपक्ष के नेता हुड्डा ने राज्य के कर्ज में भारी वृद्धि पर चिंता जताते हुये कहा कि यह 1.98 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुका है और पिछले पांच साल के दौरान इसमें तीन गुणा वृद्धि हो चुकी है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बजट को जनता के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘यह निराशाजनक, लोगों के खिलाफ और कर्ज बढ़ाने वाला बजट है। कुल मिलाकर बजट में कुछ भी नहीं है।’’मुख्यमंत्री ने बजट में कहा कि सभी मौजूदा आवासीय योजनाओं को कवर करने के लिये ‘‘सभी के लिये आवास’’ विभाग बनाया जायेगा। वर्ष 2022 तक एक लाख आवास तैयार किये जायेंगे।

भाजपा और जेजेपी के गठबंधन वा₨ली हरियाणा सरकार का नेतृत्व कर रहे खट्टर ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिये 5,474.25 करोड़ रुपये, शिक्षा और खेल के लिये 19,343 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के लिये 6,533 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास और पंचायतों के लिये 6,294 करोड़ औरा उद्योग क्षेत्र के लिये 349 करोड़ रुपये तथा पेंशन क्षेत्र के लिये 9,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।