ग्राम पंचायतों के विकास में रोड़ा बना डोंगल सिस्टम

अमर भारती : पचपेड़वा बलरामपुर सात माह से ठप्प पड़े ग्रामपंचायत के डिजटल हस्ताक्षर से भुगतान प्रक्रिया न शुरू होने से प्रधान संगठन लामबन्द होकर पुनः चेक से भुगतान प्रक्रिया शुरू करने की मांग शासन प्रशासन से की है हर जिले में डीएम को ज्ञापन देने पर सहमति बनी है जो दसहरा बाद शुरू होगा।वर्तमान सरकार डिजटल लेन देन में एक कदम विना तैयारी के आगे जब बढ़ गई कि माह अप्रेल 2019 से ग्राम पंचायतों में प्रयुक्त हो रहे ग्राम निधि प्रथम खाते पर रोक लगा कर डोंगल सिस्टम के तहत भुगतान करने का आदेश दे डाला जबकि न तो ग्राम सचिवों को उसके लिए ट्रेनिंग दी गई न ही प्रधानों को प्रधान तो वैसे भी आधे से अधिक निरक्षर जैसे है बमुश्किल लोगो ने उन्हें दस्तखत करना सीखा तो दिया परन्तु वह पढ़ नही सकते ऐसे में शासन ने दो व्यवस्था बनाई सचिव को मेकर व प्रधान को चेकर का अधिकार दिया ऐसे तैसे 1700 प्रति डोंगल लेकर उन्हें झुनझुना पकड़ा दिया फिर धीरे धीरे कभी नोट आफ एरर तो कभी फर्म रजिस्ट्रेसन के नाम पर खूब दौड़ाया व बेजा खर्च कराये जबकि डोंगल में भुगतान की प्रक्रिया में कई अड़चनों का मोटा दीवार है जिसमे प्रत्येक भुगतान के फर्म का पूर्व ग्रामपंचायत वार रजिस्ट्रेशन व अन्य कई कार्य के उपरांत ही वह संचालित होगा ऐसे में इसी चक्कर में विगत लगभग सात माह से ग्राम पंचायत में होने वाले सतत विकास जैसे नाली,खड़ंजा,सीसी रोड ,इंटर लॉकिंग खासकर नल मरम्मत व खड़ंजा मरम्मत जैसे मूलभूत कार्य का पहिया थम स गया है जिससे प्रधानों में रोष व्याप्त है उनकी माने तो कह रहे है कि इस चुनावी वर्ष में हम सबके साथ सासन प्रसासन का सौतेला व्यवहार कुछ ज्यादा हो गया है प्रधानों ने ब्लॉक पर मीटिंग कर बताया कि दसहरा के बाद जनपद वार जिले के हर डीएम को चेक प्रक्रिया पुनः बहाल हेतु ज्ञापन देगे व सासन से मांग करते है कि जब तक पूर्णरूप से डोंगल न संचालित हो व इस कार्यकाल में चेक से भुगतान पर लगी रोक तत्काल हटाई जाये।