डीप स्टोरी: जानिए, 41 साल में कैसे फर्श से अर्श पर पहुंची भाजपा

विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के हैं 11 करोड़ से अधिक सदस्य  

नई दिल्ली।
 भारतीय जनता पार्टी के लिए आज काफी एहम दिन है। आज ही के दिन, यानी 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ था। भाजपा का आज 41वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाजपा के स्थापना के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सभी पार्टी सदस्यों को बधाई दी।

हर जिले में खप गईं पीढ़ियां

भाजपा के स्थापना दिवस पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। दिल्ली में पार्टी दफ्तर में अपने पुरुखों दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर फूल अर्पित किए गए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “देश का शायद ही कोई राज्य या जिला होगा, जहां पार्टी के लिए 2-3 पीढ़ियां न खप गई हों। मैं इस अवसर पर जनसंघ से लेकर भाजपा तक राष्ट्र सेवा के इस यज्ञ में अपना योगदान देने वाले हर व्यक्ति को आदर पूर्वक नमन करता हूं।“

1980 में आज ही के दिन हुई थी पार्टी की स्थापना

भारत को एक समर्थ राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ भाजपा का गठन 6 अप्रैल, 1980 को नई दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान में आयोजित एक कार्यकर्ता अधिवेशन में किया गया। भाजपा के प्रथम अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी निर्वाचित हुए। अपनी स्थापना के साथ ही भाजपा ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं लोकहित के विषयों पर मुखर रहते हुए भारतीय लोकतंत्र में अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज की तथा भारतीय राजनीति को नए आयाम दिए।

भाजपा का चुनावी इतिहास

1996 के आम चुनावों में भाजपा को लोकसभा में 161 सीटें प्राप्त हुईं। इससे पूर्व, भाजपा ने लोकसभा में 1989 में 85, 1991 में 120 तथा 1996 में 161 सीटें प्राप्त कीं। भाजपा का जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा था। इसी बीच, देश में राम मंदिर के लिए आंदोलन शुरू हुआ। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक के लिए रथयात्रा शुरू की। राम मंदिर आन्दोलन को मिले भारी जनसमर्थन एवं भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर आडवाणी की रथयात्रा को बीच में ही रोक दिया गया। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा सरकार ने 1996 में शपथ ली, परन्तु पर्याप्त समर्थन के अभाव में यह सरकार मात्र 13 दिन ही चल पाई।

इसके बाद 1998 के आम चुनावों में भाजपा ने 182 सीटों पर जीत दर्ज की और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने शपथ ली। परन्तु जयललिता के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) द्वारा समर्थन वापस लिए जाने के कारण सरकार लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान एक वोट से गिर गई। 1999 में भाजपा 182 सीटों पर पुनः विजय मिली तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 306 सीटें प्राप्त हुईं। एक बार पुनः अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा-नीत राजग की सरकार बनी।

आज 70 फीसद आबादी का साथ

10 साल पार्टी ने विपक्ष की सक्रिय और शानदार भूमिका निभाई। 2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनी, जो आज ‘सबका साथ, सबका विकास’ की उद्घोषणा के साथ गौरव सम्पन्न भारत का पुनर्निर्माण कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा लगभग 11 करोड़ सदस्यों वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बन गयी है। 26 मई, 2014 को नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की। 2019 में 303 सीटों की भारी बहुमत हासिल कर आज देश में भाजपा की सरकार राज कर रही है। आज भाजपा देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी हो चुकी है, जिसके पास देश की लगभग 70 फीसदी आबादी का साथ है।

सबने दिया रक्त, सबका मिला साथ

भाजपा इतनी बड़ी राजनीतिक पार्टी यूं ही नहीं बनी है। इसे फर्श से अर्श तक पहुंचाने में कई शख्सियतों ने एक बड़ी एहम भूमिका निभाई है। वर्तमान में, जेपी नड्डा पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष हैं। पार्टी के प्रथम अध्यक्ष से लेकर वर्तमान तक, सभी ने ना केवल दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का पूर्ण योगदान दिया बल्कि वहां भी भाजपा का झंडा लहरा दिया, जहां सत्ता के लिए कभी भाजपा के नेता सोचते भी नहीं थे।

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