गिनी में विवादास्पद संविधान जनमत संग्रह 22 मार्च को

अमर भारती : गिनी के राष्ट्रपति अल्फा कोंडे ने संविधान में अपने प्रस्तावित सुधार को लेकर जनमत संग्रह के लिए 22 मार्च की तारीख तय की है, जिसको लेकर विपक्षियों को चिंता सता रही थी कि ऐसा करके राष्ट्रपति कार्यकाल सीमा को नजरअंदाज करके सत्ता में बने रह सकेंगे।

राष्ट्रपति के एक निर्णय में शुक्रवार को कहा गया कि एक मार्च को होने वाले मतदान की निष्पक्षता को लेकर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के चलते देरी हुई, अब विधानसभा चुनाव के साथ ही मतदान होगा। देश में कोरोनो वायरस के पहले मामले की पुष्टि होने के बाद रैलियों के स्थान पर लगे कुछ प्रतिबंधों के बावजूद अभियान 20 मार्च तक चलेगा।

पश्चिमी अफ्रीकी देश में संविधान में बदलाव के प्रस्ताव के विरोध में विशाल रैलियां देखी गईं थीं। इसके मद्देनजर कई लोगों को डर है कि कोंडे (82) को तीसरे कार्यकाल के लिए भी अनुमित मिल जाएगी। अक्तूबर से देशभर में शुरू हुए विरोध के बाद से 31 प्रदर्शनकारियों और एक पुलिसकर्मी की मौत हो चुकी है।