कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री तीरथ हुए सख़्त

उत्तराखंड। उत्तराखंड में काफी समय से कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है जिससे स्वास्थ्य सेवाएं ठप है। अब इस मामलें को लेकर सीएम तीरथ सिंह रावत के तेवर सख्त हो गए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा है कि “जो कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बजाय हड़ताल कर रहे हैं ऐसे कर्मचारियों की जगह नई नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।”

कर्मचारियों के खिलाफ की जाएगी कार्यवाही

सीएम की ओर से एक पत्र जारी किया गया है, जिसमे लिखा है कि “कोविड-19 महामारी के तहत चिकित्सा व आवश्यक सेवाओं के तहत कोई भी कर्मचारी आंदोलन करते हैं तो ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।”

कर्मचारियों की सेवा से किया जाएगा अलग

उन्होंने कहा है कि आप सभी से अपेक्षा है कि महासंकट के इस दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से किया जाए। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो इस स्थिति में आंदोलन करने वाले कर्मचारियों की सेवा को अलग करते हुए नई नियुक्तियां प्रारंभ की जाए।

क्या है मामला?

बता दे कि एसटीएच के उपनलकर्मी 25 दिन से हड़ताल पर हैं। इसकी वजह से अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। सांसद अजय भट्ट ने भी कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की थी। प्रशासनिक अधिकारी भी कई बार अपील कर चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि वह तभी मानेंगे, जब उनकी मांगें पूरी होंगी। उनका कहना है कि समान कार्य समान वेतन व नियमितिकरण की मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। एसटीएच में 700 से अधिक उपनल कर्मचारी हैं, जो हड़ताल पर हैं।

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