सामूहिक विफलता में सिर्फ पंत को दोषी नहीं ठहरा सकते : कोहली

अमर भारती : भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सोमवार को कहा कि आलोचनाओं के शिकार ऋषभ पंत को ‘काफी मौके मिले’ लेकिन फिलहाल टीम इस युवा विकेटकीपर की जगह किसी और को परखने के बारे में नहीं सोच रही क्योंकि सामूहिक विफलता का दोष किसी एक खिलाड़ी पर नहीं मढ़ा जा सकता। प्रदर्शन में निरंतरता नहीं होने के कारण पंत पिछले एक साल से लोगों के निशाने पर हैं।

वह न्यूजीलैंड के खिलाफ सोमवार को संपन्न दो टेस्ट की श्रृंखला में भारत की 0-2 की हार के दौरान चार पारियों में सिर्फ 60 रन बना सके जिससे रिद्धिमान साहा पर उन्हें तरजीह देने के फैसले को लेकर बहस शुरू हो गई है। पंत का बचाव करते हुए कोहली ने कहा, ‘‘आस्ट्रेलिया श्रृंखला की शुरुआत से हमने घरेलू सत्र में भी उसे (पंत को) काफी मौके दिए। इसके बाद वह कुछ समय के लिए नहीं खेला। उसने इसके बाद कड़ी मेहनत की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपको तय करना होगा कि किसी और को मौका देने का सही समय कौन सा है।

अगर आप लोगों को काफी जल्दी बदल दोगे तो वह आत्मविश्वास खो सकता है।’’ कोहली ने कहा, ‘‘हम सामूहिक रूप से प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। मैं सिर्फ उस पर निशाना साधने पर विश्वास नहीं करता।’’ यह पूछने पर कि क्या उनका मानना है कि पंत ने टीम में अपनी जगह पक्की मान ली है, कोहली ने स्पष्ट किया कि इस टीम की संस्कृति किसी भी खिलाड़ी को ऐसा सोचने के लिए प्रेरित नहीं करती।

कोहली ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इस टीम में कोई खिलाड़ी अपनी जगह पक्की मानकर चल रहा है। हमने यही संस्कृति स्थापित की है। खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेने और कड़ी मेहनत करने को कहा गया है। यह काम करता है या नहीं, यह अलग चीज है। इसके बाद आप खिलाड़ियों से बात कर सकते हो।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘लेकिन कोई भी यहां यह सोचकर नहीं आया था कि उसे सभी मैच खेलने को मिलेंगे या मुझे हटाया नहीं जा सकता।’’ मुख्य कोच रवि शास्त्री की तरह कोहली ने स्पष्ट किया कि पंत विदेशी हालात में अंतर पैदा कर सकते हैं और वे अपनी इस रणनीति को भविष्य में भी बदलना नहीं चाहते।