बंगाल चुनाव: हिन्दू-मुस्लिम तुष्टीकरण जारी, बीजेपी-टीएमसी का वाकयुद्ध जोरों पर

पीएम मोदी बोले, ममता दीदी को तिलक लगाने वालों से दिक्कत

नई दिल्ली।
 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चरण-दर-चरण सियासी तापमान बढ़ने के साथ हिंदू-मुस्लिम वोटों की राजनीति भी तेज हो गई है। ममता बनर्जी ने तीन दिन पहले रायदिघी की चुनावी जनसभा में मुस्लिम वोटों को बीजेपी का खौफ दिखाते हुए असदुद्दीन ओवैसी और अब्बास सिद्दीकी की बजाय टीएमसी के पक्ष में एकजुट होकर वोट देने की अपील की थी। वहीं, नरेंद्र मोदी एक तरफ तो मुस्लिमों को एकजुट करने पर ममता बनर्जी पर निशाना साध गए तो दूसरी तरफ यह भी कह दिया कि अगर हिंदुओं को एकजुट करने की अपील करते तो चुनाव आयोग नोटिस दे देता। इस तरह से, पीएम मोदी कुछ न कहते हुए भी ममता बनर्जी के बयान के बहाने मास्टरस्ट्रोक चल गए।

भगवा पहनने वालों से दिक्कत

मोदी ने भले ही हिंदुओं को एकजुट होने की अपील न की हो, लेकिन राजनीतिक संदेश जरूर दिया है। हालांकि पीएम मोदी ने कहा कि, दीदी को तिलक लगाने वालों, भगवा पहनने वालों से दिक्कत है। ममता दीदी इस चुनाव में सेल्फ गोल कर चुकी हैं और ममता के गुस्से को देखकर पता लगता है कि वो चुनाव हार गई हैं।

ममता की चूक से बीजेपी को प्राॅफिट

पश्चिम बंगाल में करीब 27 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। जो प्रदेश के 100 सीटों पर निर्णायक भूमिका अदा करते हैं। इनमें से 46 सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम मतदाता 50 फीसदी से भी ज्यादा हैं और 16 सीटें ऐसी हैं जहां 40 से 50 फीसदी के बीच मुस्लिम है। इसके अलावा 33 सीटें ऐसी हैं, जहां ममता के मुस्लिम कार्ड से बीजेपी को अब बंगाल में वोटों का ध्रुवीकरण करने का मौका हाथ लग गया है। बीजेपी पहले से ही इसी मौके के तलाश में थी। जिसे ममता बनर्जी  ने थाली में सजाकर उनके सामने दे दिया है। इसीलिए पीएम मोदी ने कूच बिहार के इलाके में रैली करने पहुंचे तो इसी ममता के मुस्लिम कार्ड से ही उन पर पर निशाना साधा और हिंदू वोटरों को भी सियासी संदेश दिया।

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