फाँसी से पहले दिल्ली में यहां तहख़ाने की कोठरी में कैद रहे थे भगत सिंह

दिल्ली विश्वविद्यालय के रीगल लॉज में बनेगा पुस्तकालय व अनुसंधान केंद्र

नई दिल्ली। बीते एक दिन पूर्व 23 मार्च को पूरे देश में अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की याद शहीद दिवस मनाया गया। लेकिन, यह आप शायद नहीं जानते होंगे कि फांसी से पूर्व उन्हें जिस स्थान पर कैद करके रखा गया था, अब उस जगह पर स्मृति पुस्तकालय बनाया जाएगा। 

इस कोठरी में कैद रहे थे शहीद-ए-आज़म

दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर स्थित वाइस रीगल लॉज के तहखाने में बनी एक कोठरी में भगत सिंह को रखा गया था। यह बात बहुत ही कम लोग जानते हैं। अभी, यहां कुलपति का कार्यालय है। डीयू ने इसी कक्ष में अब एक पुस्तकालय और अनुसंधान केंद्र खोलने की योजना बनाई है।

शिक्षा मंत्री ने किया स्मारक का उद्घाटन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने शहीद दिवस के मौके पर डीयू में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से वाइस रीगल लॉज में शहीद भगत सिंह स्मारक का उद्घाटन किया। इस स्मारक में मौजूद पुस्तकों के संकलन को शहीद स्मृति पुस्तकालय बनाया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, देश की आजादी में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के योगदान को कोई भुला नहीं सकता है। शहीद भगत सिंह को वाइस रीगल लॉज के तहखाने में एक दिन के लिए कैद रखा गया था।

दूसरे, चौथे शनिवार को खुलेगी

कोठरी डीयू कुलपति प्रो. पीसी जोशी ने घोषणा करते हुए कहा कि डीयू ने भगत सिंह की स्मृति में यह कोठरी संरक्षित की है। कोठरी में सुराही, लालटेन, शहीदों के चित्र और एक खाट रखी गई है। डीयू ने इसी कक्ष में अब एक पुस्तकालय और अनुसंधान केंद्र खोलने की योजना बनाई है। पुस्तकालय खोलने से उन विद्यार्थियों को लाभ होगा जो शोध करना चाहते हैं। वहीं डीयू की योजना है कि यह कोठरी छात्रों के लिए खोली जाएगी। डीयू के छात्रों के लिए महीने के दूसरे या चौथे शनिवार को यह स्थान खोला जाएगा। 

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