गाजियाबाद में कोरोना पॉजिटिव के 2 मामले सामने आए हैं यह दोनों ही पति-पत्नी हैं और मोहन नगर के सेवियर सोसायटी के रहने वाले हैं। इन दोनों में कोरोनावायरस की पुष्टि लाल पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट में हुई है। यह दोनों ही ग्रेटर नोएडा के एम्स अस्पताल में भर्ती होने गए थे। जहां से उन्हें गाजियाबाद के जिला में अभी अस्पताल में रेफर किया गया है। महिला नोएडा की सीजफायर कंपनी में एचआर मैनेजर है।

यह वही कंपनी है जिसके खिलाफ कल नोएडा में मुकदमा दर्ज किया गया था। किसके कई कर्मचारी संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पत्नी से संपर्क में है पति को भी कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। इसके अलावा सोसाइटी के 21 लोगों को स्वास्थ्य विभाग जिला अस्पताल में निगरानी में रखा है। सीएमओ की मानें तो पूरे सेवियर सोसाइटी को सील किया जाएगा सोसाइटी में किसी को आने जाने की अनुमति नहीं होगी।

साथ ही सोसाइटी के आसपास के ढाई से 3 किलोमीटर के इलाके में सैनिटाइजेशन का काम कराया जाएगा। गाजियाबाद में कुल मिलाकर अब सात मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमें से दो पिता-पुत्र ठीक हो कर घर जा चुके हैं और इनमें से तीन केस ऐसे हैं जिनकी कोई भी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। लेकिन यह अपने कर्मियों के संपर्क में आने के चलते करोना से संक्रमित हुए हैं।

सिम ने यह भी जानकारी दी है कि कोरोनावायरस से निपटने के लिए जिले में पहला अस्पताल खोला गया है। यह अस्पताल मुरादनगर के सीएससी सेंटर में खोला गया है। जिसमें 30 वर्ड का यह अस्पताल कोविड-19 जाना जाएगा। इसमें कुल 25 स्टाफ की तैनाती की गई है। जिसमें से 6 डॉक्टर समेत लैब टेक्नीशियन पूरा नर्सिंग स्टाफ होगा इनके लिए अलग से आवास बनाए गए हैं। क्योंकि जो भी कर्मी इस अस्पताल में इलाज करेगा।

उसे 1 महीने तक किसी से संपर्क में रहने की इजाजत नहीं होगी। 30 मार्च को इसके संबंध में सभी डॉक्टर और नर्स स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी और 31 मार्च से यह सभी अस्पताल ऑपरेशनल होंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने जिले के चार अस्पतालों को भी अपने अधीन ले लिया है। जिसमें आवश्यकता पड़ने पर संतोष मेडिकल कॉलेज को कोविड-19 के अस्पताल के तौर पर कन्वर्ट किया जा सकता है।