अमर भारती : अफगान सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल तालिबान से ‘शुरुआती संपर्क’ के लिए दोहा जा रहा है। अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों के बाहर निकलने को लेकर एक ऐतिहासिक समझौते पर दोहा में हस्ताक्षर से पहले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस समझौते के बाद अफगानिस्तान से हजारों अमेरिकी सैनिक बाहर निकलेंगे और इसके बदले तालिबान से कई रक्षा प्रतिबद्धताओं और काबुल सरकार से बातचीत करने का संकल्प लिया जाएगा।

काबुल सरकार के प्रतिनिधि स्पष्ट रूप से शनिवार के हस्ताक्षर समारोह से अनुपस्थित रहेंगे, इसमें 30 देशों के मौजूद होने की संभावना है। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जाविद फैसल ने कहा कि ‘‘ तालिबान और हमारे अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों’ के आग्रह के बाद आतंकवादियों से बात करने के लिए सरकार छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दोहा भेजेगी। हालांकि उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल ‘ वार्ता टीम का हिस्सा नहीं है और तालिबान से किसी तरह की वार्ता’ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह टीम हस्ताक्षर समारोह में हिस्सा नहीं लेगी।

इस हस्ताक्षर समारोह में कतर में भारत के राजदूत भी हिस्सा लेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत को कतर सरकार ने इस समारोह में आमंत्रित किया है। भारत के राजदूत पी कुमारन इसमें हिस्सा लेंगे। ऐसा पहली बार होगा जब भारत तालिबान से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में आधिकारिक तौर पर हिस्सा लेगा।