अमर भारती : पाकिस्तान से तनाव के बीच बड़ी खबर यह है कि भारत की सबसे बड़ी तोप कही जा रही ‘शारंग’ का एक बार और सफल परीक्षण हुआ है।कहा जा रहा है कि शारंग  तोप इस लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है कि पीओके में किसी भी सैन्य आपरेशन के लिए यह बेहद मुफीद है। गौरतलब है कि जनरल नरवणे ने कहा था कि देश की संसद आदेश करे तो हम कभी भी पाक अधिकृत कश्मीर को वापस ले सकते हैं।  यही नहीं नरवणे के बयान से यह भी स्पष्ट था कि भारतीय सेना ऐसे किसी आपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार है। जनरल नरवणे के बयान के बाद इस तोप के परीक्षण से यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भारत क्या इस तरह की कोई तैयारी कर रहा है।

शारंग तोप पाकिस्तारन की सबसे ख़ास बात यह है कि वह पाक अधिकृत कश्मीकर में बिना घुसे ही 40 से 50 किमी की दूरी तक मार कर सकती है। जिस 155 एमएम की शारंग तोप का मध्य प्रदेश के खमरिया रेंज में सफल परीक्षण किया गया हैवो आर्डनेंस फैक्ट्री कानपुर द्वारा बनाई गई है। शारंग तोप को 130 एमएम की एम-46 तोप को बृहद करके बनाया गया है। एम-46 तोप की मारक क्षमता 27 किमी थी लेकिन शारंग मारक 36 किलोमीटर तक मार कर सकता है। यही नहीं अब शारंग की मारक क्षमता पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है।

विष्णु भगवान  के धनुष शारंग के नाम पर इस तोप का नामकरण हुआ है। यह भी कहा जा रहा है कि इसी साल इसे भारतीय सेना को सुपुर्द किया जा सकता है। जहाँ तक शारंग की क्षमता का प्रश्न है शारंग एक बार में तीन गोले दागने सकता है। रक्षा तकनीक के जानकार यह बताते हैं कि  सारंग के गोले में 8 किलो टीएनटी का इस्तेगमाल किया जा रहा है। जबकि एम-46 के गोले में केवल 3.4 किलोग्राम टीएनटी का इस्तेहमाल किया जाता था। रक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि शारंग ज्या दा टीएनटी के चलते और अधिक तबाही ला सकता है।  शारंग तोप का वजन करीब 8.4 टन है और उसके बैरल की लंबाई तक़रीबन 7 मीटर है।

यही नहीं इसे आसानी से 70 डिग्री तक मूव किया जा सकता है। जहाँ तक निर्माण का सवाल है पहले चरण में 30 दूसरे चरण में 70 और अगले चरण में 100-100 तोप का निर्माण किया जाना है। तीन सौ शारंग तोप का निर्माण 2022 तक निर्मित कर सेना को दिया जाना है। स्व देशी शारंग तोप पूरी तरह से प्रभावी है । एक तोप को बनाने में करीब 70 लाख रुपये का खर्च आता है। एक नई फील्डा आर्टिलरी गन का दाम करीब 3.5 करोड़ रुपये है। जाहिर है शारंग का निर्माण सस्ता  भी है।

शारंग ऐसे समय पर सेना में शामिल हुआ है जब भारत के सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि अगर सरकार अनुमति देगी तो भारतीय सेना पीओके पर हमला करने को  तैयार है। रक्षा विशेषज्ञों की माने तो  पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर  पर कब्जे के लिए ये तोपें बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। गौरतलब है कि ऐसी क्षमता वाली तोपें पाकिस्तान के पास नहीं है। इसमें कोई दो राय नहीं कि शारंग के चलते पीओके में मार करना बेहद आसान हो गया है। ऐसे में भारतीय सेना के लिए यह तोप बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।