अमर भारती :झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल प्रभावित गुदड़ी प्रखंड के बुरुगुलीकेरा गांव में पत्थलगड़ी समर्थकों द्वारा पत्थलगड़ी का विरोध करने वाले एक पंचायत प्रतिनिधि समेत सात से नौ ग्रामीणों की हत्या कर दिये जाने की आशंका है। झारखंड पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक, अभियान एवं राज्य पुलिस के प्रवक्ता साकेत कुमार सिंह ने बुधवार को बताया कि पश्चिमी सिंहभूम में गुदड़ी प्रखंड में बुरुगुलीकेरा गांव में इस तरह की वारदात की सूचना पुलिस को मंगलवार को मिली। इसके आधार पर पुलिस दल देर रात मौके पर पहुंचा। घटनास्थल की जांच की जा रही है।

सिंह ने कहा कि जब तक नौ लापता ग्रामीणों के शव बरामद नहीं कर लिये जाते, इस घटना की पुष्टि नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मंगलवार को प्राप्त हुई जिसके बाद मौके पर पुलिस दल को रवाना किया गया। सिंह ने कहा कि इस घटना की पूरी तरह पुष्टि आज दोपहर तक ही हो पाने की संभावना है।
इस बीच स्थानीय लोगों ने बताया है कि पत्थलगड़ी समर्थकों ने गांव में स्थानीय ग्रामीणों के साथ रविवार को बैठक आयोजित की थी।

इसमें उन्होंने पत्थलगड़ी का विरोध करने पर गांव के एक पंचायत प्रतिनिधि और आधा दर्जन ग्रामीणों की लाठी डंडों से जमकर पिटाई की। भयभीत होकर जब अन्य ग्रामीण वहां से भाग गये तो कथित तौर पर पत्थलगड़ी समर्थक नौ लोगों को उठाकर जबरन जंगल में ले गये। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि जब रविवार को लापता ग्रामीण अपने गांव नहीं लौटे तो उनके परिजनों ने सोमवार को गुदड़ी थाने में घटना की शिकायत की। गांव वालों ने बताया कि इस बीच पुलिस को जंगल से कुछ राहगीरों द्वारा मंगलवार की शाम सात लोगों की हत्या की सूचना मिली। अब तक लापता ग्रामीणों के शव बरामद नहीं किये जा सके हैं।

भाजपा के नेतृत्व वाली रघुवर सरकार ने राज्य में पत्थलगड़ी समर्थकों के खिलाफ 2018 में सख्त कार्रवाई की थी और इसके नेताओं की बड़े पैमाने पर धर पकड़ कर उनके खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने और संविधान की अवहेलना करने के आरोप में देशद्रोह के भी मुकदमे दर्ज करवाये थे। राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पत्थलगड़ी समर्थकों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का फैसला राज्य सरकार ने लिया था।