अमर भारती : पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने कारगिल युद्ध के समय सेना की अगुवाई की थी, उन्हीं के नेतृत्व मे सेना ने करगिल से पाकिस्तानी घुसपैठियों का सफाया किया था। चंडीगढ़ में आयोजित “मेक इन इंडिया एंड नेशन्स सिक्युरिटी” कार्यक्रम में वीपी मलिक ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान एक अहम सबक जो हमने सीखा वो ये था कि रक्षा के क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ और देश को आत्म निर्भर बनाना बहुत जरूरी है। वीपी मलिक ने कहा कि जब तक सेना रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर नहीं बनेगी तब तक हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में रहेगी।

मलिक ने बताया कि कारगिल युद्ध के समय कई देशों ने भारत को पुराने गोला-बारूद की सप्लाई की थी। क्योंकि उन देशो ने समय का फायदा उठाया, आगे उन्होंने कहा कि एक देश ने सैटेलाइट इमेज देने के बदले मोटी रकम ली थी, लेकिन उसने जो सैटेलाइज दी थी वो 3 साल पुरानी थी।

वीपी मलिक ने कहा कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका से डेनेल गन खरीदने की कोशिश की, पहले तो उन्होंने कहा कि वो हथियार देने के लिए तैयार हैं, लेकिन बाद में उन्होंने डिलीवरी देने से मना कर दिया उन्होंने कह दिया कि उनके पास नये हथियार नहीं हैं और वे भारत को पुराने हथियार ही सप्लाई करेंगे। उसके बाद उन्होंने कहा कि हम एक जाने पहचाने देश के पास गए, उन्होंने हमें जो गोला-बारूद दिया वे 70 के दशक के बने थे।