अमर भारती : नागरिकता संशोधन बिल सोमवार को लोकसभा में चली काफी बहस के बाद विपक्ष की मांग पर मतदान करवाया गया और सदन में विपक्ष को 82 और पक्ष को 293 वोट के साथ इस विधेयक को पास कर दिया गया। राज्यसभा में पेश करने से पहले इस बिल के पास होने को लेकर काफी अटकलें चल रहीं थीं कि ये राज्यसभा में पास होगा या नहीं, क्योंकि शिवसेना ने लोकसभा में समर्थन किया लेकिन बाद में वो समर्थन करने से मना करने लगी, बुधवार को इस बिल को राज्यसभा में पेश किया गया पक्ष-विपक्ष में चली आठ घंटे बहस के बाद इसे राज्यसभा से भी इस पर मुहर लग चुकी है।

यहां पर भी बोटिंग की गई जिसमें पक्ष को 125 जबकि विपक्ष को 99 मत मिले, इसमें जदयू ने बिल का समर्थन किया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बिल कोई नुकसान नहीं है। भारत के मुसलमान भारतीय नागरिक थे, हैं और बने रहेंगे, ये बिल भूल हुई गड़बड़ियों को सुधारने के लिए लाया गया है। इसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से आए अल्फसंख्यको को आसानी से भारतीय नागरिकता भी मिलेगी।नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल हो गई है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के चार सांसदों ने अपनी याचिका में कहा कि धर्म के आधार पर वर्गीकरण की संविधान इजाजत नहीं देता। ये बिल संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, इसलिए इस विधेयक को रद्द किया जाए।

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाधी ने आज भारत के संवैधानिक इतिहास का काला दिन बताया बिल के खिलाफ असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम आदि में बुधवार को विरोध प्रदर्शन हुआ इंटरनेट मोबाइल सेवा भी बंद की गई।