अमर भारती :  नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर लोकसभा में काफी देर तक चली बहस के बाद वोटिंग भी हुई जिसमें विपक्ष को 82 व पक्ष को 293 वोट मिले इसलिए ये आसानी से पास हो गया है और अब मोदी सरकार बुधवार को इसे राज्यसभा में पेश करेगी, संशोधन विधेयक के पक्ष में जेडीयू, शिवसेना, बीजेडी और पूर्वोत्तर के कुछ दलों के साथ आने की वजह से सरकार को इस बिल को पास कराने में कोई दिक्कत नहीं हुई।

राज्यसभा में कुल सदस्य 245 हैं, लेकिन पांच सीटें रिक्त हैं, जिसके चलते फिलहाल कुल सदस्यों की संख्या 240 है। अगर सदन के सभी सदस्य मतदान करें तो बहुमत के लिए 121 वोट की जरूरत पड़ेगी, इनमें बीजेपी के 83, बीजेडी के 7, एआइएडीएमके के 11, अकाली दल के 3, शिवसेना के 3, जेडीयू के 6 वाईएसआर कांग्रेस के 2, एलजेपी के 1, आरपीआई के 1 और 4 नामित राज्यसभा सदस्य हैं।विपक्ष में कांग्रेस के 46, टीएमसी के 13, सपा के 9, वामदल के 6 और डीएमके के 5 और आरजेडी, एनसीपी और बसपा के 4-4 सदस्य हैं, इसके अलावा टीडीपी के 2, मुस्लिम लीग के 1 पीडीपी के 2, जेडीएस के 1, केरल कांग्रेस के 1 और टीआरएस के 6 सदस्य हैं, इस तरह विपक्ष के पास 100 सदस्य हो रहे हैं।

नागरिक संशोधन बिल अगर कानून का रूप ले लेता जाता है तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों को CAB के तहत भारत की नागरिकता दी जाएगी। इस विधेयक से मुस्लिम समुदाय को बाहर रखा गया है।

इस संशोधन बिल के चलते जो विरोध की आवाज उठ रही है उसकी वजह ये है कि इस बिल के प्रावधान के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले मुसलमानों को भारत की नागरिकता नहीं दी जाएगी।

इस बिल को पास होने के बाद असम में विरोध जारी है, नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (NESO) और ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (AASU) ने आज सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक 12 घंटे का बंद बुलाया है, NESO को कई संगठनों और राजनीतिक दलों का समर्थन हासिल है, इस वजह से गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और कॉटन यूनिवर्सिटी की परीक्षा रद्द कर दी गई है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर भारत की लोकसभा में पास हुए नागरिकता संशोधन बिल का विरोध किया है, इमरान खान ने ट्वीट कर लिखा ये कानून पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय समझौते और मानवाधिकार कानून का उल्लंघन करता है ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिंदू राष्ट्र का एजेंडा है जिसे अब मोदी सरकार लागू कर रही है, और खासतौर पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए चिंताजनक है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर सोमवार देर नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में पास होने के बाद स्वरा ने ट्वीट कर मोदी सरकार की आलोचना की है, स्वरा भास्कर ने ट्वीट कर लिखा- (भारत में…) धर्म नागरिकता का आधार नहीं है, धर्म भेदभाव का आधार नहीं हो सकता, राज्य धर्म के आधार पर फैसला नहीं ले सकता, नागरिकता संशोधन बिल ने मुसलमानों को स्पष्ट रूप से बाहर रखा है, ”-NRC/CAB प्रोजेक्ट में जिन्ना का पुनर्जन्म हुआ है, हिन्दू पाकिस्तान को मेरा हैलो!

अगर शिवसेना नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ वोट करती है तो मोदी सरकार का राज्यसभा में मामला बिगड़ सकता है, फिलहाल मोदी सरकार के सपोर्ट में 119 सदस्य हैं, जबकि विपक्ष में 100 सदस्य हैं। शिवसेना को जोड़ ले तो यह आंकड़ा 103 हो जाता है, जो सरकार के लिए 19 राज्यसभा सदस्यों का रुख साफ नहीं है।