अमर भारती : देश में आए दिन ऐसे मामले सुनने में आ जाते है जब एक बहू या फिर दामाद पर अपने सास—ससुर को परेशान करने का आरोप लगता है। ऐसा आरोप लगने के कारण भी अनेक है और इसका कोई हल निकालना भी मुशकील हो जाता है। ऐसे में माता पिता को काफी कुछ झेलना पड़ता है। लेकिन अब इसे लेकर सख्त कानून बनाया गया है जिसमें कि सजा भी मिल सकती है।

सूत्रो के मुताबिक केंद्र सरकार ने बुजुर्ग और वरिष्ट नागरिकों के भरणपोषण और कल्याण (संशोधन) अधिनियम को अपनी तरफ से मंजूर कर लिया है। इस बिल की अगर बात करे तो इसमें ऐसे कई नियम बनाए गए है जिससे कि बुजुर्ग लोगों की सुरक्षा करने में मदद मिल सकेगी।

अब नए नियम की माने तो अगर किसी भी हाल में माता पिता या फिर सास ससुर की देखबाल में कमी रहती है तो इसके लिए मुकदमा चलाया जा सकता है। इसके बाद सीधे जुर्माना और सजा का भुगतान करना पड़ सकता है। साथ ही गुजारा खर्च के लिए भी अब पहले के मुकाबले अधिक पैसे देने की बात रही गई है।

जाहिर है कि जब बच्चे बड़े हो जाते है तो वह अपने मन माने तरीके से जीवन चलाते है। इसका असर घर के अन्य लोगों पर पड़ता है खास तौर पर बुजुर्गो और वरिष्ट नागरिको पर जो कि अपना बचा हुआ समय अपने बच्चों के साथ बिताना चाहते है। इस समय में वह अपने बेटा या बेटी से ही किसी चीज की उम्मीद रख सकते है।