अमर भारती : श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है । यह चुनाव अपने आप में खास है क्योंकि ईस्टर के दौरान हुए बम विस्फोट और बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण के बाद श्रीलंका सुरक्षा चुनौतियों से जूझता रहा है ।

आपको बता दें कि मैदान में कुल 35 उम्मीदवार हैं पर इस चुनाव में पूर्व रक्षा सचिव गोतबया राजपक्षे और सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार साजित प्रेमदासा के बीच करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है । वहीं नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) गठबंधन के अनुरा कुमारा डिसनायके भी एक मजबूत उम्मीदवार हैं जानकारी के लिये आपको बता दें इस बार श्रीलंका में 1.5 करोड़ मतदाता वोट देंगे ।

ज्ञात हो कि यह चुनाव श्रीलंका का अब तक का सबसे मंहगा चुनाव है, चुनाव आयोग ने इस चुनाव में तकरीबन 7.5 अरब श्रीलंकाई रुपये यानि 4.1 करोड़ डॉलर खर्च होने का अनुमान लगाया है, श्रीं लंका में फिलहाल मैत्रीपाला सिरिसेना राष्ट्रपति हैं ।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

चुनाव आयोग ने सभी से शांतिपूर्ण तरीके से मतदान आयोजित कराने की अपील की है. आयोग ने कहा कि  60,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सशस्त्र बल भी तैनात किए जाएंगे ।

श्रीलंका चुनाव का भारत पर असर

अभी हाल तक भारत का श्रीलंका के साथ रिश्ता तमिल मुद्दे पर आधारित था. पर जिस प्रकार चीन श्रीलंका को करीब ला रहा और लंका की सड़कों के निर्माण एंव  कोलंबो बंदरगाह को भी विकसित करने में जो भूमिका निभाई है, उससे भारत के लिये लंका के साथ रिश्ते साधना मुश्किल हो सकता है ।

हांलाकि भारत ने भी कोलंबो बंदरगाह में ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल बनाने को लेकर श्रीलंका के साथ एक समझौता किया है । लेकिन भारत के मुक़ाबले चीन ने बहुत खामोशी लेकिन लगातार श्रीलंका में निवेश किया है और देश को कर्ज के तले दबा दिया है ।आने वाले समय में सत्ता में कोई भी राष्ट्रपति आए वही श्रीलंका के भारत और चीन के साथ रिश्तों की रूपरेखा तय करेगा ।