अमर भारती :  देश में आज भी कहीं ना कहीं दहेज प्रथा को ज्यादा महत्व दिया जाता है। आज भी लोग दहेज की आड़ में अपनी बेटी को एक ऐसे घर में भेज देते हैं। जहां दहेज के लालची नई नवेली दुल्हन को प्रताड़ित करने लगते हैं। लेकिन शायद अब वक्त बदल रहा है। देखा जाए तो समाज को दहेज प्रथा जैसे पाप से रोकने की मुहिम एक CISF के जवान के रूप में शुरू हुई है।

हाल ही में जयपुर के एक सीआईएसएफ जवान जितेंद्र सिंह की शादी जयपुर की ही रहने वाली चंचल से हुई। शादी में टीके की रस्म के दौरान दुल्हन के पिता ने जब दुल्हे को 11 लाख रूपये बतौर दहेज के रूप में दिया, तो दुल्हे ने साफ तौर पर इंकार कर दिया, साथ ही शगुन के रूप में 11 रूपये और नारियल लिया। लोग जितेंद्र के इस कदम से काफी खुश हैं। साथ ही हर तरफ लोग उनकी काफी तारीफ कर रहे हैं।

 

जितेंद्र के अनुसार भारत जैसे देश में दहेज प्रथा को खत्म कर देना चाहिए। जिससे लोगो में एक नई प्रथा की पहल हो। जितेंद्र के पिता भी अपनी नई नवेली बहू चंचल को आगे तक पढ़ाना चाहते हैं। जिससे वह पढ़-लिखकर अफसर बन सके। चंचल खुद एक पढ़ी लिखी लड़की है। वह एलएलबी और एलएलएम कर चुकी है, साथ ही पीएचडी कर रही है। जितेंद्र के परिवार अनुसार बहू भी घर का नाम रोशन कर सकती है।