अमर भारती : आज ऐतिहासिक मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। जिससे लोग सहमत भी है और असहमत भी। वैसे ये वाक्या काफी साल पुराना है। आइए जानते हैं इस मामले की शुरूआत कहां से हुई थी। हम बात करेंगे कि कैसे आया राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद का मामला सुर्खियो में और क्या कारण रहे जो अब तक इस विवाद का कोई हल क्यो नही निकल पाया। इन सब बातो को जाननें के लिए हमें जाना होगा इतिहास के पन्नो में। तो आइए चलते है राम की नगरी कही जानें वाली अयोध्या और जानते है कि कैसे शुरू हुआ राम मंदिर-बाबरी मस्जिद का विवाद। कहते है कि इस मामले की शुरूआत बाबर के आने के बाद शुरू हो गई थी।

जब मुग़ल शासक बाबर 1526 में भारत आया और उसी समय उसने पानीपत के मैदान में दिल्ली सल्तनत के अंतिम सुल्तान इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल वंश की नींव रखी उसने 1527 में खानवा 1528 में चंदेरी तथा 1529 में आगरा जीतकर अपने राज्य को सफल बना दिया। 1528 तक वह अवध वर्तमान अयोध्या तक पहुँच गया। जिसके बाद बाबर के सेनापति मीर बाकी ने 1528-29 में एक मस्जिद का निर्माण कराया था।

यह अभी भी रहस्य है कि क्या मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनवाई गई या मंदिर की ही मस्जिद के अनुसार बदला गया इतिहासकारो की मानें तो उनका मानना है कि बाबर ने यहां पर आकर यहां की धार्मिक भावनाओं के विपरीत कार्य किये और इस्लाम धर्म को बढ़ाने के लिये हिन्दुओ को जबरदस्ती मुस्लिम बनाया, लगभग 90% मुस्लिम पहले हिन्दू ही थे जिनका धर्म परिवर्तन करके मुस्लिम बनाया गया है उनका मानना है कि सबको पता है कि बाबरी मस्जिद की जगह पहले रामलला ही विराजमान थे।