अमर भारती : भारत में संविधान स्वीकारे 70 साल पूरे हो गए है और इस मौके को खास बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 26 नवंबर को संसद के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाया गया है। संविधान दिवस का यह कार्यक्रम सदन के सेंट्रल हॉल में मनाया जाएगा है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करीब दो घंटे तक चलने वाले इस सत्र को संबोधित कर सकते हैं। लोकसभा और राज्यसभा के इस संयुक्त सत्र में देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रपतियों को भी बुलाया गया है।

बता दें कि 26 नवंबर 1949 के दिन भारत के संविधान को संविधान सभा ने स्वीकार किया था, इसलिए इस दिन को संविधान दिवस या कानून दिवस के तौर पर भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्तूबर 2015 को मुंबई में अम्बेडकर की प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी स्मारक की आधारशिला रखते हुए यह ऐलान किया था कि 26 नवंबर अब राष्ट्रीय कानून दिवस नहीं बल्कि राष्ट्रीय संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा।