अमर भारती : दीवान हाउसिंग फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (DHFL) में निवेश 17 मार्च 2017 से प्रारंभ किया गया। अनियमितता के संबंध में 10 जुलाई 2019 को पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष को शिकायत प्राप्त हुई थी। जिस पर 12 जुलाई 2019 को निदेशक वित्त की अध्यक्षता में जांच के आदेश दिये गए। मामले पर जांच समिति ने 29 अगस्त 2019 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि मामले में गंभीर वित्तीय अनियमितता की गई है। जिसमें भारत सरकार के निवेश नियमों का सीधे तौर पर उल्लंघन किया गया।

जिस पर 1 अक्टूबर 2019 को मामले की विस्तृत जांच हेतु पॉवर कारपोरेशन की सतर्कता विंग को निर्देशित किया गया। 10 अक्टूबर 2019 को ट्रस्ट के तत्कालीन सचिव पीके गुप्ता को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिये गए।ऊर्जा मंत्री ने बताया कि विजिलेंस विंग की संस्तुति के आधार पर प्रकरण में आपराधिक मामला दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड प्रबंधन के उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट में जमा करोड़ों रुपये के असुरक्षित निवेश के मामले सोमवार को डीआईजी ईओडब्लू के नेतृत्व में टीम पड़ताल के लिए शक्तिभवन स्थित पॉवर कार्पोरेशन के दफ्तर पहुंची।कर्मचारियों के भविष्य निधि के निवेश में भ्र्ष्टाचार के आरोप में पूर्व निदेशक सुधांशू को पहले ही गिरफ्तार किया गया था। शक्ति भवन के  सेकेंड फ्लोर पर ईएफ पी एफ के कार्यालय को सील कर दिया गया। वही रोज की तरह ऑफिस पहुंचे कर्मचारियों को रोका गया। ऊर्जा विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री के आदेशो के बाद ऊर्जा विभाग में हड़कंप मचा।